चारधाम यात्रा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, सीएम धामी बोले- एक महीने में 20.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

देहरादून, 24 मई । उत्तराखंड में इस बार चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यात्रा ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

रामनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। केवल एक महीने के भीतर ही करीब 20.50 लाख श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। लगातार बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं और देशभर से श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी कोशिश है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन करें। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी व्यवस्था की जा रही है।"

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार यात्रा मार्गों पर पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं की लगातार निगरानी कर रही है। हाल ही में इन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई है।

सीएम धामी ने कहा कि चारधाम के अलावा आदि कैलाश, माणा, नीति और हिमकुंभ जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। पूरे राज्य में यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल है और प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

इससे पहले शनिवार को उत्तराखंड सरकार में मंत्री भारत सिंह चौधरी ने भी कहा था कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सरकार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा रही है। उन्होंने बताया कि इसका सीधा और सकारात्मक असर राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।

मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस, प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

सरकार ने यात्रियों के साथ ही यात्रा में इस्तेमाल होने वाले जानवरों के लिए भी पानी और चारे की विशेष व्यवस्था की है। मेडिकल सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खोले गए थे, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट 22 और 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।

Source: IANS

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