बरसाना की विश्व प्रसिद्ध होली में राधा रानी के रंग में रंगे श्रद्धालु, आध्यात्मिक अनुभव किया शेयर

बरसाना, 25 फरवरी। ब्रज के पावन क्षेत्रों में होली की शुरुआत हो चुकी है। आज बरसाना में लट्ठमार होली खेली गई। लट्ठमार होली न सिर्फ एक त्योहार है, बल्कि नंदगांव और बरसाना के बीच के प्रेम संबंध को भी दर्शाती है। ऐसे में श्री कृष्ण और राधारानी के भक्त बरसाना मंदिर में भक्ति के रंगों में सराबोर होकर होली का आनंद ले रहे हैं। 

मंदिर और बरसाना की गलियों में श्रद्धालुओं और नंदगांव से हुरियारों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई।

बरसाना मंदिर में होली का आनंद लेने के लिए अलग-अलग जगहों से भक्त पहुंचे हैं। होली का आनंद लेने आई एक महिला ने बताया कि यहां आकर ऐसा लग रहा है कि मानो सिर्फ शरीर नहीं बल्कि आत्मा ने होली खेली है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, मैं यहां पहली बार आई हूं और पहली बार इतनी आनंद से भरी होली खेली है। आत्मा होली के रंग में रंगकर राधारानी का नाम जप रही है, सचमुच बहुत मजा आया।

हरियाणा से बरसाना में होली खेलने पहुंची दूसरी महिला श्रद्धालु ने बताया कि बरसाना की होली के बारे में बहुत सुना था, लेकिन अब देख भी लिया है। सभी लोग रंग-बिरंगे रंगों और पानी से होली खेल रहे हैं। बहुत आनंद आ रहा है। हर तरह राधे नाम की गूंज है। मेरे लिए यह अनुभव बेहद खास रहा है, क्योंकि मुझे पहली बार बरसाने में होली खेलने का मौका मिला है।

एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि बरसाना की होली खेलने का इंतजार वे काफी समय से कर रही थीं और उनके लिए बरसाना की धरती पर आना सौभाग्य की बात है।

उन्होंने कहा, आज तक बरसाने की होली के बार में सिर्फ सुना था, लेकिन इतना अद्भुत अनुभव पाकर मन प्रसन्न हो गया है और यहां के लोग भी अच्छे हैं।

बरसाना की होली विश्व प्रसिद्ध है, जहां बरसाना की कुंज गलियों में महिलाएं राधा रानी की सखी बनकर हाथ में लट्ठ लेकर होली खेलने आए हुरियारों पर बरसाती हैं। हुरियाए सखियों के साथ छेड़खानी करते हैं और गालियों से भरे मीठे गीत भी गाते हैं। हालांकि सबसे पहले बरसाना के राधा-रानी मंदिर में होली का पूजन होता है और फिर पूरे बरसाना में होली के गुलाल उड़ते हैं।

Source: IANS

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