जयपुर के स्पा सेंटरों पर एफआरआरओ की कार्रवाई, पांच देशों की नौ महिलाओं को वापस भेजा गया

जयपुर, 27 जुलाई । गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरओ) ने नौ विदेशी महिलाओं को डिपोर्ट कर दिया है। ये महिलाएं वीजा खत्म होने के बाद भी जयपुर में रह रही थीं।

इनमें से ज्यादातर औरतें शहरभर के स्पा और वेलनेस सेंटर में काम कर रही थीं। अधिकारियों ने बताया कि ये औरतें टूरिस्ट या शॉर्ट-टर्म वीजा पर भारत आई थीं लेकिन बिना वैलिड डॉक्यूमेंट के जयपुर में रह रही थीं।

वेरिफिकेशन के बाद, उन्हें हिरासत में लिया गया और उनके देशों में डिपोर्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भारत के इमिग्रेशन कानूनों को तोड़ने वाले विदेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एफआरआरओ अधिकारियों के अनुसार, डिपोर्ट की गई औरतों में थाईलैंड की पांच औरतें, युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस की एक-एक औरतें शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि उनमें से ज्यादातर जयपुर के पॉश इलाकों में मौजूद स्पा सेंटर में थेरेपिस्ट के तौर पर काम करती थीं।

यह कार्रवाई इंटेलिजेंस इनपुट और लोकल पुलिस की जानकारी के बाद की गई। एफआरआरओ टीमों ने शहर भर के कई स्पा सेंटर में सरप्राइज इंस्पेक्शन किया, जहां पासपोर्ट और वीजा डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई किए गए।

चेकिंग के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि वीजा खत्म होने के बाद भी ये महिलाएं भारत में रह रही थीं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई।

ऑपरेशन के बाद, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (एफआरओ) धर्मेंद्र सागर ने मकान मालिकों, होटल मालिकों, गेस्ट हाउस चलाने वालों और होमस्टे देने वालों से कहा कि वे विदेशी नागरिकों को ठहराते समय इमिग्रेशन नियमों का सख्ती से पालन करें।

उन्होंने उन्हें निर्देश दिया कि रहने की जगह देने से पहले हर विदेशी मेहमान का ओरिजिनल पासपोर्ट और वीजा वेरिफाई करें। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के पोर्टल पर ऑनलाइन सी-फॉर्म के जरिए मेहमानों की डिटेल्स जरूरी तौर पर अपलोड करें और फॉरेनर्स एक्ट के तहत रिपोर्टिंग की सभी जरूरतों का समय पर पालन पक्का करें।

एफआरओ ने चेतावनी दी है कि अगर कोई होटल मालिक, मकान मालिक या रहने की जगह देने वाला जरूरी सी-फॉर्म भरे बिना किसी विदेशी नागरिक को घर देता हुआ पाया गया या एक्सपायर हो चुके वीजा के साथ किसी को रहने दिया, तो उस पर फॉरेनर्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने कहा कि यह नई ड्राइव राजस्थान में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें डिपोर्ट करने के लिए चल रहे कैंपेन का हिस्सा है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कमर्शियल जगहें इमिग्रेशन नियमों का पूरी तरह से पालन करें।

Source: IANS

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