हरिद्वार में दर्दनाक हादसा: एक साथी को बचाने के प्रयास में गंगनहर में डूबे चार कांवड़िए, सभी की मौत
हरिद्वार के ज्वालापुर में जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान के दौरान एक साथी को बचाने के प्रयास में चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। सभी मृतक चंडीगढ़ के निवासी थे। पुलिस ने सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की।

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हरिद्वार, 31 जुलाई। उत्तराखंड के हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। ज्वालापुर क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करते समय चार कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। सभी मृतक चंडीगढ़ के रहने वाले थे और कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार आए थे। उनकी उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी बिना गहराई का अंदाजा लगाए गंगनहर में उतर गए। तेज बहाव और गहरे गड्ढे की वजह से चारों युवक पानी में समा गए और देखते ही देखते लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाल ही में गंगनहर की सिल्ट सफाई के कारण कई स्थानों पर जलस्तर कम दिखाई दे रहा था। इसी कारण श्रद्धालु मुख्य धारा की ओर बढ़ गए, लेकिन वहां मौजूद गहरे गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा सके, जिससे यह हादसा हो गया।
सूचना मिलते ही जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। कई घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद चारों युवकों के शव गंगनहर से बरामद कर जिला अस्पताल भेजे गए।
मृतकों की पहचान शिवांशु (16), नीतेश, भरत और रोहित के रूप में हुई है। सभी चंडीगढ़ के निवासी थे और करीब 20 कांवड़ियों के समूह के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने आए थे।
समूह के सदस्य साहिल ने बताया कि हरकी पैड़ी से गंगाजल भरने के बाद अधिकांश कांवड़िए चंडीगढ़ के लिए रवाना हो चुके थे, जबकि कुछ साथी पीछे रह गए। इसी दौरान जटवाड़ा पुल के पास चार युवक गंगनहर में स्नान करने लगे। एक युवक के गहरे पानी में फंसने पर बाकी तीन उसे बचाने के लिए कूद गए, लेकिन सभी गहरे गड्ढे और तेज बहाव की चपेट में आ गए।
एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और गंगा या गंगनहर की मुख्य धारा एवं गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
Source: The News Com Network

