जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली, 5 जून । पाकिस्तान को खुफिया जानकारी मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।

सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और देश की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज्योति मल्होत्रा पर पड़ोसी देश को संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने के गंभीर आरोप हैं। अदालत ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि फिलहाल उन्हें जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

शीर्ष अदालत ने कहा, "हम नहीं मानते कि इस मामले में जमानत दी जानी चाहिए। वे मुकदमे का सामना करें।"

ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार की रहने वाली एक ट्रैवल व्लॉगर हैं। वह यूट्यूब पर 'ट्रैवल विथ जो' के नाम से एक लोकप्रिय ट्रैवल चैनल चलाती थीं, जिसके जरिए उन्होंने बड़ी संख्या में दर्शक और फॉलोअर्स बनाए थे। हालांकि बाद में उन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे।

हरियाणा पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने लंबे समय तक निगरानी रखने के बाद 16 मई 2025 को हिसार स्थित उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि ज्योति मल्होत्रा लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े अधिकारियों और हैंडलर्स के संपर्क में थीं।

आरोप है कि उन्होंने भारत से जुड़ी कई संवेदनशील और प्रतिबंधित जानकारियां पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाईं। इसी आधार पर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के बाद अब ज्योति मल्होत्रा को ट्रायल कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement