दिल्ली में फर्जी केवाईसी से सिम एक्टिवेट कर साइबर ठगों को बेचने वाला एजेंट गिरफ्तार

नई दिल्ली, 5 जुलाई । दिल्‍ली पुलिस ने 'नो योर कस्टमर' (केवाईसी) नियमों का उल्लंघन करके गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करने और उन्हें साइबर फ्रॉड में शामिल लोगों को सप्लाई करने के आरोप में एक लाइसेंस्ड टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट को गिरफ्तार किया गया है।

डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने रविवार को बताया कि दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने 2 जुलाई को उत्तरी दिल्ली में हिंदू राव अस्पताल के पास शिवम को गिरफ्तार किया।

वह सड़क किनारे एक अस्थायी स्टॉल से 'शिवम टेलीकॉम' नाम से लाइसेंस्ड टेलीकॉम पीओएस एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने माना कि उसने असली ग्राहकों के पहचान दस्तावेजों और बायोमेट्रिक जानकारी का गलत इस्तेमाल करके जानबूझकर अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट किए और अनिवार्य केवाईसी नियमों का पालन किए बिना इन प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड को 500-600 रुपए प्रति सिम के हिसाब से बेचा।

पुलिस ने शिवम के पास से ऐसे डिजिटल लॉग और एक्टिवेशन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए जो ब्लैकलिस्टेड सिम प्रोफाइल से मेल खाते थे। शिवम बलजीत नगर का रहने वाला है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का रहने वाला है।

पश्चिम विहार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत दर्ज एक एफआईआर में शिवम की पहले भी संलिप्तता पाई गई थी।

पुलिस ने कहा, "जांच में पता चला कि आरोपी ने सड़क किनारे एक अस्थायी स्टॉल से लाइसेंस्ड टेलीकॉम पीओएस चलाते हुए सिम कार्ड एक्टिवेट करने के लिए तय केवाईसी नियमों और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं का जानबूझकर उल्लंघन किया।"

पुलिस ने बताया कि गैर-कानूनी तरीके से एक्टिवेट किए गए इन सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने पीड़ितों से संपर्क करने, वित्तीय धोखाधड़ी करने, डिजिटल पेमेंट अकाउंट बनाने और साइबर अपराध करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए किया।

पुलिस ने बताया कि यह मामला दिल्ली में काम करने वाले पीओएस एजेंटों से जुड़ी खुफिया जानकारी के विश्लेषण के दौरान सामने आया। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के इन एजेंटों द्वारा एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड देशभर में दर्ज साइबर फ्रॉड के मामलों में बार-बार इस्तेमाल होते पाए गए थे।

पुलिस ने बताया, "ऐसी खुफिया जानकारी की जांच के दौरान सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के इलाके में चल रहे तीन रिटेल आउटलेट- शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम-शक के घेरे में आ गए।"

शुरुआती जांच से पता चला कि बेकसूर लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड स्थानीय और दूसरे राज्यों के साइबर फ्रॉड गिरोहों को सप्लाई किए जा रहे थे।

Source: IANS

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