स्वतंत्र भारद्वाज की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी, एक दिन की

नई दिल्ली, 6 सितंबर । जंतर-मंतर पर नाबालिग लड़की के पिता से मारपीट मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था।

स्वतंत्र भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने पुलिस पर "मानक कानूनी प्रक्रियाओं से पूरी तरह बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया। स्वतंत्र भारद्वाज के वकील पीयूष जैन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हैं। पहली एफआईआर मामूली मारपीट से जुड़ी थी। बाद में पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत दो धाराएं जोड़ीं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कल रात हमें यह भी पता चला कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आमतौर पर, पॉक्सो एक्ट नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न या हमले के मामलों में लगाया जाता है। हालांकि इस मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए इन प्रावधानों का गलत इस्तेमाल किया गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कुछ लोग उन्हें किसी भी तरह जेल भेजने पर आमादा हैं।"

उन्होंने कहा, "हमें यह भी जानकारी मिली है कि कुछ देशविरोधी तत्व जेल के अंदर उन पर हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। मकसद सिर्फ स्वतंत्र भारद्वाज को निशाना बनाना नहीं, बल्कि भारत सरकार को एक संदेश देना भी हो सकता है। मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील करता हूं कि जेल के अंदर उनकी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था, तब स्वतंत्र भारद्वाज ने हाथ में पहने कड़े से एक नाबालिग लड़की के पिता के सिर में मार दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसके कुछ दिनों बाद स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें उसने पूरे मामले की जानकारी दी थी कि कैसे उसने हमला कर एक आदमी के सिर पर मार दिया था। जिसके बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने भारद्वाज के खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। इस बीच केंद्रीय मंत्री और एलजेपी-आरवी प्रमुख चिराग पासवान ने शुक्रवार को दावा किया कि वायरल वीडियो में आरोपी द्वारा उनके नाम का दुरुपयोग किया गया है।

पासवान ने कहा कि उन्होंने आरोपी भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और वे नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेंगे।

Source: IANS

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