गुजरात में ऑनलाइन ठगी: बड़े गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

गांधीनगर, 10 जुलाई । गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन ठगी और उगाही (एक्सटॉर्शन) गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह सोशल मीडिया पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। बाद में, वे पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को धमकाते और उनसे पैसे वसूलते थे। शुरुआती जांच के अनुमानों के मुताबिक, इस गिरोह ने देशभर में लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया हो सकता है।

पुलिस ने अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में चल रहे 15 सीटों वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। साथ ही उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना में शुरू होने जा रहे एक अन्य कॉल सेंटर को भी कार्रवाई कर बंद कराया गया। दोनों जगहों पर छापेमारी के दौरान सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जांच में पता चला कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के विज्ञापन चलाते थे। ग्राहक दवाएं इंडिया पोस्ट और निजी कूरियर के जरिए कैश ऑन डिलीवरी पर मंगाते थे। पार्सल मिलने और भुगतान करने के बाद गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर फोन करते थे। वे दावा करते थे कि खरीदी गई दवा प्रतिबंधित है, उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है और गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे देने होंगे।

जो लोग पार्सल नहीं लेते थे, उन्हें पहले डॉक्टर और फिर पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया जाता था। उन्हें बताया जाता था कि ऑनलाइन प्रतिबंधित दवा मंगाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। मामला खत्म कराने के नाम पर 2,000 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक की मांग की जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों में धीरेंद्र राजावत (36), आर्यन रावल (20), अनिरुद्ध भदौरिया (20), सुमित दिवाकर (20), देवप्रताप सिंह भदौरिया (20), देवेंद्र सिंह राजावत (33) और प्रिया कुर्मी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र राजावत गिरोह का मास्टरमाइंड और कॉल सेंटर संचालक था, जबकि प्रिया कुर्मी मैनेजर, टीम लीडर और क्लोजर की भूमिका निभाती थी।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच में 14 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें 5 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन हुआ है। इन खातों से जुड़ी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से छह शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें दिल्ली की एक, राजस्थान की दो और उत्तर प्रदेश की तीन शिकायतें शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 44 मोबाइल फोन, 23 कंप्यूटर सीपीयू, दो लैपटॉप, एक मॉनिटर, तीन कॉलर आईडी फोन, तीन पेन ड्राइव, पांच बैंक पासबुक, एक चेक बुक, सात क्यूआर कोड, कॉलर स्क्रिप्ट, यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के दो बॉक्स और तन्वी एंटरप्राइजेज, असावानी आयुर्वेद, डीआर आयुर्वेद तथा आयुर शक्ति आयुर्वेद के नाम वाली रबर स्टैंप बरामद की हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक उत्पादों के विज्ञापनों पर बिना जांच के भरोसा न करें। किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना न खरीदें और किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ ओटीपी, बैंकिंग जानकारी, सीवीवी या यूपीआई पिन साझा न करें।

Source: IANS

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