ऑपरेशन साइहॉक 5.0 : दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 916 लोगों को किया गिरफ्तार
साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से चलाए गए 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत बड़ी कामयाबी मिली है। इस ऑपरेशन के तहत 916 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की जानकारी भी सामने आई है।

नई दिल्ली, 19 जून । साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से चलाए गए 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत बड़ी कामयाबी मिली है। इस ऑपरेशन के तहत 916 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की जानकारी भी सामने आई है।
आईएएनएस से बात करते हुए दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने बताया कि इस बार दिल्ली के सीपी सतीश गोलचा की लीडरशिप में 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' चलाया गया, जिसमें हमें कुछ समय मिला। 16 तारीख को शुरू हुए इस ऑपरेशन में 31 मई तक का डेटा मिलने से हमें और समय मिल गया। इसलिए, हमने न सिर्फ हॉटस्पॉट्स पर काम किया, बल्कि आम शिकायतों का भी एनालिसिस किया। एनालिसिस के बाद हमें पता चला कि बहुत ज्यादा धोखाधड़ी हो रही है, यहां तक कि उन मामलों में भी जहां एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी, क्योंकि रकम 1 लाख से कम थी। हमने यह भी पाया कि व्हाट्सएप पर कई एपीके-बेस्ड फाइलों का इस्तेमाल हो रहा है और इसी वजह से पैसे उड़ाए जा रहे हैं। ऑपरेशन की मदद से 916 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
16-17 जून को दो दिन तक चले इस ऑपरेशन में पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए देशभर में छापेमारी की। करीब 916 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में इन आरोपियों से जुड़े करीब 700 करोड़ रुपए की ठगी के लिंक सामने आए हैं।
आईएफएसओ यूनिट के जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने कहा कि हम टेलीग्राम पर मौजूद सभी नुकसानदेह या धोखाधड़ी वाले चैनलों की पहचान कर रहे हैं। इनकी संख्या बहुत ज्यादा है। मेरी अपील है कि धोखाधड़ी या नुकसानदेह चैनलों के किसी भी लिंक की रिपोर्ट एनसीआरपी पोर्टल, 1930 या किसी भी साइबर पुलिस स्टेशन में करें।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के अकाउंट बंद कर दिए गए हैं या जिन पर 'लीन' मार्क लगा है, वे शिकायत निवारण मॉड्यूल से संपर्क कर सकते हैं। अभी यह मॉड्यूल बीटा फेज में है और इसे पूरी तरह से लॉन्च नहीं किया गया है। गृह मंत्रालय ने 3 जनवरी को एक एसओपी जारी की थी, जिसके अनुसार अगर साइबर फ्रॉड या धोखाधड़ी से मिले पैसे की वजह से किसी अकाउंट पर 'लीन' मार्क लगाया गया है, तो उसके हिसाब से कार्रवाई की जा सकती है। 'लीन मार्क' का मतलब है कि अगर किसी अकाउंट में 200 आए हैं, तो सिर्फ वे 200 ही ब्लॉक होंगे। अकाउंट होल्डर अकाउंट का सामान्य रूप से इस्तेमाल कर सकता है और बाकी पैसे निकाल सकता है, लेकिन 'लीन' वाले 200 नहीं निकाले जा सकते हैं।
Source: IANS

