बिहार : पूर्वी चंपारण में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, 500 से अधिक कारतूस बरामद, 4 आरोपी हिरासत में
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा कारतूस बनाने में प्रयुक्त मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

मोतिहारी, 19 जुलाई । बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा कारतूस बनाने में प्रयुक्त मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
इस मामले में पुलिस ने कारखाना चलाने वाला मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह को गिरफ्तार किया है। यह मड़पा मोहन गांव का रहने वाला है। पूर्व से आर्म्स बुलेट के 5 केस दर्ज है। 2012 में यह यूएपीए में भी जेल गया था।
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि चकिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) तथा पकड़ीदयाल एसडीपीओ के नेतृत्व में मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया, और फेनहारा थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस के अलावा कारतूस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर तथा बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ बरामद किए। बरामद रसायनों में नाइट्रिक एसिड, रेड फास्फोरस, एसीटोन, चारकोल सहित अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस ने कारतूस निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण और कच्चा माल भी जब्त किया है।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अवैध कारतूस के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। कारतूस के लिए बुलेट खरीदकर उपलब्ध कराने वाले कुछ लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियार और कारतूस निर्माण के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है। यह हथियार तस्करों पर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने अभियान में शामिल पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने और 25 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस ऑपरेशन में मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और डीआईयू में पदस्थापित सब इंसेक्टर कृष्ण मोहन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। मामले की विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
Source: IANS

