नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में जांच पूरी, एसआईटी ने डेढ़ हजार पन्नों की

नोएडा, 20 जून । नोएडा में अप्रैल माह में हुई श्रमिक हिंसा के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने करीब डेढ़ हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में हिंसा की साजिश रचने वालों और उपद्रव में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, 13 और 14 अप्रैल को नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान कई स्थानों पर आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं।

हिंसा के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा था। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने पिछले कई महीनों में घटनास्थलों का निरीक्षण करने, सीसीटीवी फुटेज खंगालने, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और बड़ी संख्या में प्रत्यक्षदर्शियों एवं संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने का काम किया।

जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने करीब 10 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन पर हिंसा भड़काने और पूरी साजिश को अंजाम देने का आरोप है। इसके अलावा लगभग दो दर्जन लोगों को हिंसक घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल पाए जाने के आधार पर कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।

एसआईटी की जांच में मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में रूपेश राय, आकृति, मनीषा, सत्यम वर्मा, हिमांशु ठाकुर और सतीश कुमार सहित कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन आरोपियों की भूमिका हिंसा की योजना बनाने, लोगों को उकसाने और घटनाओं को अंजाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण रही।

इन सभी प्रमुख आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच अधिकारियों का कहना है कि चार्जशीट में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वीडियो फुटेज, मोबाइल डेटा, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी प्रमाण शामिल किए गए हैं, जो अदालत में अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

अब मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी। एसआईटी की चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही नोएडा के चर्चित श्रमिक हिंसा प्रकरण की जांच का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से हिंसा और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।

Source: IANS

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