सुधांशु पांडे ने कहा, किसी प्रोजेक्ट के लिए इंफ्लूएंसर नहीं बल्कि एक्टर जरूरी

मुंबई, 11 मार्च। सुधांशु पांडे इन दिनों धारावाहिक 'दो दुनिया एक दिल' में अपने नए किरदार को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। अभिनेता ने हाल ही में आईएएनएस के साथ खास बातचीत में इंफ्लूएंसर और अभिनेता के बीच के अंतर को साफ किया।

सुधांशु का कहना है कि जहां टैलेंट और रियल एक्टिंग की जरूरत होती है, वहां आर्टिस्ट की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा, "मैं इंफ्लुएंसर के खिलाफ नहीं हूं। वे भी मेहनत करके अपनी ऑडिएंस बनाते हैं लेकिन अभिनय एक आर्ट है, जो देवी सरस्वती की देन है। इसे कोई नहीं बदल सकता है। किसी प्रोजेक्ट में एक एक्टर को चुनने का फैसला इस पर ही होता है कि वह अपने किरदार को पर्दे पर अच्छे से उतार पाएगा कि नहीं। मेरे साथ भी मेकर्स ने यही सोचकर मुझे चुना होगा कि मैं इस रोल को अच्छे से कर सकता हूं।"

इस शो में सुधांशू एक ऐसा किरदार निभा रहे हैं, जिसकी जिंदगी डिजिटल और असल दुनिया के टकराव के बीच उलझी हुई है। शो में ऑनलाइन स्कैम, डिजिटल धोखाधड़ी और टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है।

चलते सुधांशू ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसी कई स्टोरीज के बारे में पता चला, जिसने उन्हें चौंका दिया था। उन्होंने कहा, "आज के समय में डिजिटल ठगी आम है और लोगों के अकाउंट मिनटों में खाली हो जाते हैं। इसलिए यह शो बहुत रिलिवेंट है। हम स्टोरी टेलिंग के जरिए लोगों में जागरुकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे सावधान रहें।"

इसके बाद आईएएनएस ने अभिनेता से सवाल किया, "क्या आपने खुद कभी स्कैम का सामना किया है?" तो इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेता ने कहा, "मैंने कभी फाइनेंशियल या डिजिटल स्कैम नहीं झेला लेकिन कई साल पहले मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था। इसमें मेरी ही गलती थी क्योंकि मैंने एक लिंक पर क्लिक कर दिया था और कुछ सेकंड में मेरा अकाउंट चला गया था। उस घटना के बाद मैंने खुद से वादा किया कि अब किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करूंगा जब तक पूरी तरह यकीन न हो कि वह असली है और कहां से आया है।"

Source: IANS

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