शुभांगी अत्रे के पिता ने कैंसर को मात देकर जीता कैरम मुकाबला; एक्ट्रेस ने मनाई जोरदार जीत की खुशी
टीवी सीरियल 'भाबीजी घर पर हैं' में भाभी के किरदार से अपनी एक खास पहचान बनाने वाली टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने उस समय भावुक पलों का अनुभव किया, जब उन्होंने कैरम टूर्नामेंट में अपने पिता की जीत का उल्लास मनाया।।

मुंबई, 11 जुलाई । टीवी सीरियल 'भाबीजी घर पर हैं' में भाभी के किरदार से अपनी एक खास पहचान बनाने वाली टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने उस समय भावुक पलों का अनुभव किया, जब उन्होंने कैरम टूर्नामेंट में अपने पिता की जीत का उल्लास मनाया।
इस खास मौके की कई तस्वीरें शुभांगी अत्रे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं। इन तस्वीरों में उनके पिता को विजेता की ट्रॉफी स्वीकार करते हुए और बाद में परिवार के सदस्यों, अन्य प्रतिभागियों तथा विशेष मेहमानों के साथ पोज देते हुए देखा जा सकता है।
एक तस्वीर में शुभांगी गर्व के साथ अपने पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ खड़ी दिख रही हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में टूर्नामेंट के बाद वे अपनी ट्रॉफी के साथ मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं।
एक पोस्ट में शुभांगी ने लिखा, "बधाई हो पापा। कैंसर से लड़ाई जीतने के बाद भी कीमोथेरेपी के कारण मेरे पापा की उंगलियां अब भी ठीक से काम नहीं करतीं। फिर भी उन्होंने कैरम का खेल जीत लिया। यह याद दिलाता है कि असली ताकत हमेशा पूरी तरह स्वस्थ हाथों में नहीं होती, बल्कि अटूट हौसले में होती है। बस खुश दिल के साथ आगे बढ़ते रहिए।"
शुभांगी के पोस्ट को टीवी इंडस्ट्री के दोस्तों और फैंस से बहुत प्यार मिला। प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया ने कमेंट किया, जबकि एक्ट्रेस कनिका माहेश्वरी ने लिखा, "वाह अब मुझे पता चला कि ताकत कहां से आती है, आपके पापा को बधाई।"
2024 में शुभांगी के पिता को एसोफैगस (खाने की नली का) कैंसर होने का पता चला था। उस समय, एक्ट्रेस ने अपने फॉलोअर्स से दुआ करने की अपील की थी और लिखा था, "मेरे प्यारे इंस्टा परिवार, कुछ दिन पहले मेरे पिता को कैंसर होने का पता चला था, आज से उनका इलाज शुरू हो रहा है। हमारे परिवार को उनके जल्द ठीक होने के लिए आपके आशीर्वाद और दुआओं की जरूरत है।"
खबरों के मुताबिक, उनके पिता अब इस बीमारी से लगभग ठीक हो चुके हैं और अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं।
शुभांगी अत्रे ने 'कसौटी जिंदगी की' से एक्टिंग में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्हें 'कस्तूरी', 'दो हंसों का जोड़ा', 'हवन' और 'चिड़िया घर' से पहचान मिली।
Source: IANS

