जैकलीन फर्नांडीज ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली

नई दिल्ली, 12 मई । बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज ने मंगलवार को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की अपनी अर्जी वापस ले ली।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब एक दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में जैकलीन की अर्जी का विरोध किया था। ईडी ने दलील दी थी कि जांच के दौरान उनका रवैया 'संतोषजनक नहीं' था और वह मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 50 के तहत दर्ज अपने बयानों में 'पूरी और सच्ची जानकारी' देने में नाकाम रही थीं।

केंद्रीय एजेंसी ने अदालत को बताया था कि जैकलीन ने जांच के दौरान पूरी तरह सहयोग नहीं किया और चंद्रशेखर द्वारा अपराध से कमाए गए पैसों के बारे में 'लगातार पूरी और सच्ची जानकारी देने में नाकाम रहीं।'

सरकारी गवाह बनने की उनकी अर्जी का विरोध करते हुए ईडी ने आरोप लगाया कि जैकलीन को चंद्रशेखर के आपराधिक इतिहास के बारे में पता चलने के बाद भी वह उनके साथ लगातार संपर्क में बनी रहीं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, चंद्रशेखर ने मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से कमाए गए पैसों से जैकलीन के लिए 'सभी तरह के फायदे, तोहफे और कीमती सामान' का इंतजाम किया था।

ईडी ने जैकलीन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चंद्रशेखर से करीब 7 करोड़ रुपए के महंगे तोहफे हासिल किए थे। हालांकि, एक्ट्रेस ने लगातार यही कहा है कि उन्हें चंद्रशेखर की आपराधिक गतिविधियों या उन तोहफों के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने जैकलीन की उस अर्जी पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने ईडी द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट में जैकलीन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि पीएमएलए की धारा-3 और 4 के तहत उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि चंद्रशेखर से मिले तोहफे अपराध से कमाए गए पैसे से खरीदे गए थे।

हालांकि, जस्टिस दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के 'विजय मदनलाल चौधरी मामले' में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें पीएमएलए के तहत ईडी की शक्तियों को सही ठहराया गया था। पीठ ने टिप्पणी की कि आरोप तय करने के चरण में लगाए गए आरोपों को उसी रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए, जिस रूप में वे सामने आए हैं।

ईडी ने इस मामले में कई चार्जशीट दायर की हैं और एक सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत में जैकलीन को आरोपी बनाया है, जबकि एक अन्य बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही से गवाह के तौर पर पूछताछ की गई।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर की सहयोगी पिंकी ईरानी ने उनकी तरफ से जैकलीन तक लग्जरी तोहफे और महंगी चीजें पहुंचाने में मदद की।

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि चंद्रशेखर ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नी से करीब 200 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की, हालांकि जैकलीन का कहना है कि चंद्रशेखर की कथित अवैध संपत्ति की लॉन्ड्रिंग में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

Source: IANS

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