अंकिता भार्गव के परिजन के साथ ठगी की कोशिश, अभिनेत्री ने स्कैम को लेकर किया आगाह

मुंबई, 15 मई । अभिनेत्री अंकिता भार्गव ने अपने माता-पिता के साथ हुई एक बेहद चिंताजनक स्कैम की कोशिश के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों को जानकारी दी है। उन्होंने पोस्ट के जरिए लोगों को आगाह करते हुए लोगों खासकर बुजुर्गों को सतर्क रहने की अपील की है।

अंकिता ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट में बताया कि जब वह कल (गुरुवार) लंच के समय अपने माता-पिता के घर पहुंची तो देखा कि दो अजनबी व्यक्ति डाइनिंग टेबल पर आराम से बैठे हुए थे। उन्होंने खुद को गुजरात क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताया और कहा कि वे उनके पुराने पड़ोसी की जांच कर रहे हैं। उन्होंने अंकिता के पिता से सिर्फ एक छोटा-सा बयान लेने की बात कही।

उन्होंने लिखा, “शुरुआत में सब कुछ बहुत सामान्य लग रहा था। वे शांत, विनम्र और आत्मविश्वास से भरे हुए थे। जब मैंने उनके आईडी कार्ड मांगे तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के दिखा दिए और यहां तक कहा कि आप इनकी फोटो भी ले सकती हैं।”

अभिनेत्री ने आगे बताया कि दोनों व्यक्ति एक हाथ से लिखे हुए गुजराती भाषा के कागज पर अंकिता के पिता के हस्ताक्षर करवाने की कोशिश कर रहे थे। उनके पिता गुजराती नहीं पढ़ पाते थे। जब अंकिता ने इस पर सवाल उठाया तो एक व्यक्ति ने बहुत ही सहज अंदाज में कहा कि वह खुद अनुवाद करके समझा देंगे। अंकिता की सहज बुद्धि ने काम किया और उन्होंने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि आधिकारिक बयान हाथ से क्यों लिखा हुआ है? इसे गुजराती में क्यों दिया गया है जबकि मेरे पिता इसे नहीं पढ़ सकते? मैंने साफ कहा कि इस घर में कोई भी व्यक्ति किसी भी कागज पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक वह उसे खुद न पढ़ और समझ ले।”

अंकिता ने बताया कि बाद में उनके पिता ने कहा कि अगर वह समय पर नहीं पहुंची होती तो शायद वे उस कागज पर हस्ताक्षर कर ही देते, क्योंकि वे लोग बहुत भरोसेमंद लग रहे थे। इस बात ने अंकिता को बहुत झकझोर दिया। अभिनेत्री ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, “बुजुर्गों को आसानी से बहकाया जा सकता है। वर्दी, आईडी कार्ड और आधिकारिक भाषा का दबाव बनाकर उन्हें हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जाता है।”

उन्होंने सलाह दी कि कभी भी हाथ से लिखे कागज पर आंख बंद करके हस्ताक्षर न करें, जिस भाषा को आप नहीं समझते, उस पर कभी हस्ताक्षर न करें। हमेशा टाइप किए हुए और साफ कागज की मांग करें। सोसाइटी मैनेजमेंट या स्थानीय पुलिस से जांच करवाएं। साथ ही ऐसे किसी मामले में परिवार के अन्य सदस्यों को भी शामिल करें।

अंकिता ने कहा कि हो सकता है वे असली अधिकारी रहे हों, लेकिन तरीका लापरवाह था। फिर भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

Source: IANS

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