अभिनेता पलाश दत्ता ने बयां किया दर्द, बोले- 'पेमेंट न मिलने से मानसिक रूप से टूटने लगा था'
फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे कलाकारों की कई ऐसी परेशानियां भी छिपी होती हैं, जिनके बारे में अक्सर लोग नहीं जान पाते। इसी क्रम में अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर पलाश दत्ता ने अपनी आपबीती साझा की है।

मुंबई, 18 जून । फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे कलाकारों की कई ऐसी परेशानियां भी छिपी होती हैं, जिनके बारे में अक्सर लोग नहीं जान पाते। इसी क्रम में अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर पलाश दत्ता ने अपनी आपबीती साझा की है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आ गया था, जब लंबे समय तक पेमेंट न मिलने से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा था।
आईएएनएस से बात करते हुए पलाश दत्ता ने कहा, ''एक कलाकार के तौर पर मैं हमेशा अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ करते रहा हूं। काम के सिलसिले में एक जगह से दूसरी जगह जाना, पर्सनल लाइफ के सुनहरे पलों का त्याग करना और हर प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को निभाना मेरे काम का हमेशा हिस्सा रहा है। लेकिन जब काम पूरा करने के बाद भी पेमेंट में लगातार देरी होती है, तो यह स्थिति बेहद निराशाजनक हो जाती है। इस तरह की परिस्थितियां किसी भी कलाकार को भावनात्मक रूप से थका देती हैं और उसे यह महसूस कराती हैं कि उसकी मेहनत की कद्र नहीं की जा रही है।''
उन्होंने कहा, ''मैंने संबंधित लोगों को यह जानकारी दी थी कि मेरे पिता का निधन हो गया है और मैं जीवन के मुश्किल दौर से गुजर रहा हूं। ऐसे समय में मुझे पेमेंट की सख्त जरूरत है। अगर मुझे समय पर मेरा मेहनताना मिल जाता, तो उस मुश्किल घड़ी में कुछ राहत मिल जाती। लेकिन परिस्थितियां नहीं बदलीं और पेमेंट का इंतजार जारी रहा। आर्थिक परेशानी और पारिवारिक दुख एक साथ झेलना मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। मैं मानसिक रूप से टूटने लगा था।''
पलाश दत्ता ने कहा, ''शुरुआत में मुझे छोटा-सा एडवांस अमाउंट दिया गया था। बाद में जब मुझे अगले शेड्यूल के लिए बुलाया गया, तो मैंने साफ तौर पर कहा कि पहले मेरा पुराना पेमेंट और एग्रीमेंट दिया जाए। मैं लंबे समय से सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) का सदस्य हूं और इंडस्ट्री के नियमों से अच्छी तरह परिचित हूं। सामान्य रूप से किसी भी कलाकार को शूटिंग शुरू करने से पहले एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर लेने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। हालांकि, मैंने प्रोडक्शन टीम के भरोसे और आश्वासनों पर विश्वास किया और काम जारी रखा।''
उन्होंने आगे बताया, "समय बीतता गया और कुछ महीनों का इंतजार धीरे-धीरे सालों में बदल गया। इसके बावजूद मुझे न तो पूरा पेमेंट मिला और न ही वह एग्रीमेंट मिला जिसका वादा किया गया था। मैंने कई बार प्रोडक्शन ऑफिस जाकर अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा लगातार फोन कॉल किए, मैसेज भेजे और अपने पेमेंट के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया। लगातार जवाब न मिलना किसी भी कलाकार के लिए बेहद परेशान करने वाली स्थिति होती है।"
Source: IANS

