'द 50' में हाथापाई और हंगामे के बीच शिव ठाकरे की सूझबूझ ने दिलाई जीत
रियलिटी शो 'द 50' के पहले सीजन का ग्रैंड फिनाले खत्म हो गया और विनर का ऐलान हो गया है। इस फिनाले की ट्रॉफी टेलीविजन, सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत के दिग्गज कंटेस्टेंट्स में से शिव ठाकरे ने अपने नाम की।

मुंबई, 25 मार्च। रियलिटी शो 'द 50' के पहले सीजन का ग्रैंड फिनाले खत्म हो गया और विनर का ऐलान हो गया है। इस फिनाले की ट्रॉफी टेलीविजन, सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत के दिग्गज कंटेस्टेंट्स में से शिव ठाकरे ने अपने नाम की।
शिव ने हाल ही में आईएएनएस से खास बातचीत की। इस दौरान आईएएनएस ने पूछा, "ट्रॉफी के लिए मुकाबला करते समय आपके मन में क्या चल रहा था?" तो इस सवाल का जवाब देते हुए शिव ने कहा, "सच कहूं तो यह कभी भी जीतने के बारे में नहीं था बल्कि मैं अपने फैंस के लिए काम कर रहा था। यह एक छोटी और मजेदार यात्रा थी, जिसमें एक नया कॉन्सेप्ट था। मैं चाहता था कि मेरे फैंस खुश और गर्व महसूस करें। वे मेरे लिए इतना कुछ करते हैं, इसलिए मुझे लगा कि बदले में उन्हें कुछ देना चाहिए।"
शो में मनोरंजन जगत के 50 कंटेस्टेंट्स शामिल थे। इसके फाइनल एपिसोड तक पहुंचते-पहुंचते कुछ ही कंटेस्टेंट्स बचे थे। शिव ठाकरे इस शो के विजेता बने हैं और उन्होंने 50 लाख रुपये की राशि जीती। इनाम की रकम जीतने पर शिव ने खुशी जताते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही अच्छा कॉन्सेप्ट है। कलर्स जैसे प्लेटफॉर्म और इस शो ने मनोरंजन के जरिए कुछ मजेदार चीजें बनाई हैं। पचास कंटेस्टेंट्स ने मनोरंजन करने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन इनाम उसे मिला जिसे इसकी सच में जरूरत थी। इससे सच में बहुत संतुष्टि और मन की शांति मिलती है।"
शिव ठाकरे ने इस शो में लीडर-आधारित और गठबंधन वाली रणनीति अपनाई थी। इस पर उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि यह कोई सुरक्षित रणनीति नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया फैसला था। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। मै जानता हूं कि कि कब शांत रहना है और कब बीच में आना है। अगर लोग पहले से ही लड़ रहे हैं, तो बीच में कूदकर और ज्यादा हंगामा मचाना कोई समझदारी की बात नहीं है। जहां जरूरत पड़ी, मैंने अपनी आवाज उठाई और जहां चीजों को शांति से सुलझाया जा सकता था, मैंने वही तरीका अपनाया।"
उन्होंने कहा कि शो में कोई सच्ची दोस्ती नहीं होती। उन्होंने कहा, "मेरे असली दोस्त तो शो के बाहर हैं। शो के अंदर यह ज्यादातर प्लानिंग करने और एक-दूसरे को आगे बढ़ने में मदद करने के बारे में था। शायद कुछ लोगों के साथ आपसी इज्जत का रिश्ता था, लेकिन कुल मिलाकर यह सिर्फ एक गेम था।"
आईएएनएस ने सवाल किया, "कुछ कंटेस्टेंट्स का मानना था कि यह महिलाओं के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं था।"
इस सवाल का जवाब देते हुए शिव ने कहा, "हां, शो में कुछ ऐसे पल आए जब बात हाथापाई तक पहुंच गई थी, लेकिन मैं दूसरों की राय का सम्मान करता हूं। वे सीनियर हैं और उनका नजरिया मायने रखता है। अपनी तरफ से मैं बस इतना कहूंगा कि हर किसी ने इस खेल को अपने-अपने तरीके से अनुभव किया।"
Source: IANS
