संघर्ष को बनाया स्वैग: हनी सिंह का वो दौर, जब सफेद बनियान और कार्गो पैंट ने किया था यूथ को पागल

मुंबई, 14 मार्च। शुरुआती करियर हर किसी का संघर्ष से भरा होता है लेकिन उसी संघर्ष को अगर पहचान और स्टाइल स्टेटमेंट बना लिया जाए तो ऐसा ही होशियारपुर के सिख परिवार से तालुक रखने वाले हृदेश सिंह उर्फ यो यो हनी सिंह ने किया। 

सिंगर हनी सिंह पंजाब के गांव एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे, जहां बड़े सपने देखना और उन्हें पूरा करना मुश्किल था, लेकिन हृदेश सिंह ने संघंर्ष को चुन न सिर्फ संगीत का नया रूप दिया बल्कि युवाओं के बीच पहुंचकर फैशन को भी बदलकर रख दिया।

15 मार्च को जन्मे हृदेश सिंह को नहीं पता था कि वो ग्लोबल स्टार बनने वाले हैं। सिंगर की परवरिश और शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में हुई थी और उन्होंने 12 साल की उम्र में संगीत से जुड़ाव महसूस किया। इसके बाद हनी सिंह ने इंग्लैंड के मशहूर ट्रिनिटी स्कूल से शिक्षा ली और म्यूजिक प्रोडक्शन की बारिकियाँ सीखीं, जिसने उनके गानों को एक इंटरनेशनल टच दिया। बहुत कम लोग जानते हैं कि हनी सिंह ने संगीतकार एआर रहमान से प्रेरित होकर संगीत में आने का फैसला लिया था। स्कूल के समय ही सिंगर की टीचर ने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था और उनकी मां को उन्हें मुंबई भेजने की सलाह दी थी।

टीचर ने कहा था कि हृदेश शाहरुख खान के जैसे अपना नाम बना सकता है। शायद इसे ही मेनिफेस्टेशन की ताकत कहते हैं क्योंकि सिंगर शाहरुख खान के बड़े फैन थे और हमेशा से उनके लिए गाना चाहते थे। सालों बाद उन्होंने शाहरुख खान के साथ 'लुंगी डांस' जैसा सुपरहिट गाना दिया, जिसके लिए खुद शाहरुख खान ने उन्हें सामने से फोन किया था।

2005 में रिलीज़ हुई एल्बम 'पेशी' और गाने 'ग्लासी' से उन्हें भारत में पहचान मिली लेकिन 'ब्राउन गर्ल' और 'अंग्रेजी बीट' गानों ने उन्हें ग्लोबल स्टार बना दिया। हालांकि, सिंगिंग में करियर बनाने से पहले पंजाब में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते थे और उसके बाद पंजाबी फिल्मों में हाथ आजमाया। उन्होंने 'मिर्ज़ा', 'मैं तेरा 22 तू मेरा 22', और 'जोरावर' जैसी पंजाबी फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने 2014 में फिल्म 'द एक्सपोज़' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। हालांकि एक अभिनेता के तौर पर दर्शकों ने उन्हें ज्यादा पसंद नहीं किया।

बहुत कम लोग जानते हैं कि करियर के शुरुआती दिनों में बजट की कमी और स्टेज शो बहुत कम होते थे और कई बार फ्री शो भी करने होते थे। ऐसे में स्टेज पर पहनने के लिए हनी सिंह के पास डिजाइनर कपड़े नहीं थे, ऐसे में उन्होंने खुद का स्टाइल चुना और स्टेज पर स्पोर्ट बनियान के साथ शो करने शुरू किए। उनका स्पोर्ट बनियान, कार्गो पैंट और गले में सोने की मोटी चेन वर्ष 2007-2008 के दौरान उभरता हुआ फैशन बना। आज लंबे ब्रेक के बाद हनी सिंह दोबारा युवाओं के दिलों पर राज कर रहे हैं लेकिन उनके साथ विवाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ते।

Source: IANS

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