आयुर्वेदिक दिनचर्या: फिट बॉडी और रिलैक्स माइंड का सीक्रेट मंत्र

नई दिल्ली, 1 मार्च। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपनी दिनचर्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। ऐसे में आयुर्वेद हमें सिखाता है कि अगर हम प्रकृति के नियमों के अनुसार अपना दिन बिताएं तो शरीर भी तंदुरुस्त रहेगा और मन भी शांत रहेगा।  

सबसे पहली और अहम आदत है सुबह जल्दी उठना, खासकर सूर्योदय से पहले। इस समय वातावरण शांत और ताजा होता है, दिमाग साफ रहता है और दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होती है। उठते ही लगभग आधा से एक लीटर गुनगुना पानी पीना बहुत फायदेमंद माना गया है। इससे पेट साफ रहता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं।

इसके बाद शौच और दांतों की सफाई जरूरी है। नीम या बबूल की दातुन का इस्तेमाल या सामान्य ब्रश से दांत साफ करना, जीभ की सफाई करना और कुल्ला करना मुंह की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में तेल से गरारे करने की भी सलाह दी जाती है, जिससे दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं। इसके बाद नाक में दो-दो बूंद तेल या घी डालना और आंखों को ठंडे पानी से धोना भी लाभकारी बताया गया है।

शरीर की मालिश (अभ्यंग) रोजाना या हफ्ते में कुछ दिन जरूर करनी चाहिए। सरसों, तिल या नारियल के तेल से हल्की मालिश करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, त्वचा चमकदार बनती है और थकान दूर होती है। खासकर सिर और पैरों की मालिश से अच्छी नींद आती है और तनाव कम होता है। इसके बाद हल्का व्यायाम, योग या प्राणायाम करना चाहिए। इतना ही व्यायाम करें कि हल्का पसीना आ जाए, ज्यादा थकान नहीं होनी चाहिए।

नहाने के लिए सिर पर सामान्य तापमान का पानी और शरीर पर हल्का गर्म पानी इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है। स्नान से शरीर तरोताजा होता है और आलस्य दूर होता है।

खाने के मामले में भी आयुर्वेद संतुलन पर जोर देता है। ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन लें। ज्यादा तला-भुना और भारी खाना कम करें। समय पर खाना और अच्छी तरह चबा कर खाना पाचन के लिए बहुत जरूरी है। रात को जल्दी और हल्का भोजन करें और खाने के तुरंत बाद सोने से बचें।

अच्छी नींद भी उतनी ही जरूरी है जितना अच्छा भोजन। बड़ों के लिए छह से आठ घंटे और बच्चों के लिए आठ से दस घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। सोने से पहले हाथ-पैर धो लेना, पैरों में थोड़ा गुनगुना तेल लगाकर मालिश करना और मन को शांत करने के लिए हल्का संगीत या ध्यान करना बहुत फायदेमंद होता है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement