न ज्यादा आराम, न ज्यादा भागदौड़! यूनानी चिकित्सा से जानें स्वस्थ जीवन का मंत्र
न ज्यादा आराम, न ज्यादा भागदौड़! यूनानी चिकित्सा से जानें स्वस्थ जीवन का मंत्र

नई दिल्ली, 10 फरवरी। यूनानी चिकित्सा में सेहत को बनाए रखने का सबसे बड़ा मंत्र है हरकत-ओ-सुकून बदनी (शरीर की सही गति और आराम का संतुलन)। इसका मतलब शरीर को हिलना-डुलना भी चाहिए और समय पर आराम भी करना चाहिए। सही संतुलन बनाए रखने से हमारी सेहत, ताकत और मन दोनों मजबूत रहते हैं।
जब हम हल्की या मध्यम शारीरिक गतिविधि करते हैं, तो शरीर के अंदर जमा गंदगी और अवशेष बाहर निकलते हैं। यूनानी चिकित्सा इसे तनकिया कहती है। यह सफाई हमारी त्वचा, अंग और पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। वहीं जब हम आराम करते हैं, तो हमारी आंतरिक शक्ति पचाने और मरम्मत करने में पूरी तरह सक्रिय होती है। इस समय शरीर को अपनी ऊर्जा जमा करने और रोगों से लड़ने का मौका मिलता है।
लेकिन ध्यान रहे कि जेंडर के अलावा, हर व्यक्ति की उम्र, शरीर की बनावट और स्वभाव अलग होता है। इसलिए व्यायाम और आराम का तरीका भी अलग होना चाहिए। उदाहरण के लिए, गर्म मिजाज वाले लोग गर्मियों में हल्की गतिविधियां करें और सर्दियों में थोड़ी ज्यादा सक्रिय रहें। वहीं ठंडे मिजाज वाले लोग सर्दियों में हल्की एक्टिविटी और गर्मियों में नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि अपनाएं। यही कारण है कि यूनानी चिकित्सा हर किसी के लिए एक ही तरीका नहीं देती, बल्कि शरीर के अनुसार संतुलन बनाए रखने की सलाह देती है।
यूनानी चिकित्सा में कुछ आसान लेकिन असरदार बातें बताई गई हैं। सबसे पहले, रोज हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करें। सुबह या शाम टहलना, हल्का दौड़ना, योग या स्ट्रेचिंग शरीर की सफाई और ताकत दोनों बढ़ाते हैं। दूसरा, आलस्य से बचें। लगातार बैठे रहने से शरीर सुस्त और कमजोर हो जाता है। थोड़ी-थोड़ी देर में उठें, स्ट्रेच करें या हल्की एक्टिविटी करें। तीसरा, व्यायाम अपने शरीर के अनुसार चुनें। ज्यादा थकावट या जोर देने से बचें ताकि शरीर की ऊर्जा खत्म न हो। चौथा, पर्याप्त आराम करें। नींद पूरी लें और दिन के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेकर शरीर को रिकवर होने दें और आखिर में, अत्यधिक मेहनत से बचें क्योंकि जरूरत से ज्यादा व्यायाम या काम शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।
Source: IANS

