सेहत ही नहीं, मूड भी ठीक करती है सूरज की रोशनी, गर्मियों में इन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों का मौसम विदाई ले चुका है और गर्मियों के मौसम ने दस्तक दे दी है। ऐसे में ध्यान रखने की बात है कि लोग ठंड के दिनों में जहां धूप सेंकते हैं, तो वहीं गर्मियों में भागते हैं।

नई दिल्ली, 10 मार्च। सर्दियों का मौसम विदाई ले चुका है और गर्मियों के मौसम ने दस्तक दे दी है। ऐसे में ध्यान रखने की बात है कि लोग ठंड के दिनों में जहां धूप सेंकते हैं, तो वहीं गर्मियों में भागते हैं। हालांकि, गर्मियों में भी धूप जरूरी है, लेकिन कुछ सावधानियों के साथ। सूरज की रोशनी सिर्फ गर्माहट नहीं देती, बल्कि सेहत और मूड दोनों को ठीक रखने का सबसे प्राकृतिक तरीका है।
खासकर गर्मियों में जब धूप तेज होती है, तब सही समय और तरीके से धूप लेना फायदेमंद होता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सूरज की किरणें शरीर में विटामिन डी का उत्पादन बढ़ाती हैं, जो रोग-प्रतिरोधक शक्ति (इम्युनिटी) को मजबूत बनाता है। विटामिन डी हड्डियों को मजबूत रखता है, जोड़ों के दर्द से राहत देता है और मेटाबॉलिक फंक्शन को बेहतर बनाता है।
सुबह की धूप में थोड़ा समय बिताने से सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ता है, जो मूड अच्छा करता है। इससे डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं कम होती हैं। यह दिल को स्वस्थ रखता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है, और वजन मैनेजमेंट में भी मदद करता है। रोजाना कुछ मिनट धूप में बिताने से दिन की शुरुआत ऊर्जा से भरपूर होती है।
गर्मियों में धूप के समय और मात्रा पर खास ध्यान दें। विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन डी के लिए सनराइज के कुछ समय बाद से 9 बजे तक की धूप सबसे अच्छी हो सकती है, क्योंकि तब यूएबी किरणें ज्यादा प्रभावी होती हैं, लेकिन ज्यादा देर धूप में रहने से त्वचा जल सकती है, सनबर्न हो सकता है या त्वचा पर एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए 10-20 मिनट काफी है। इसमें त्वचा जलने की संभावना नहीं होती। कम धूप लगने की भरपाई के लिए ज्यादा समय धूप में न बिताएं।
इस दौरान आर्म्स, लेग्स और चेहरे को खुला रखें, लेकिन चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएं। गर्मी में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप से बचें। हल्के कपड़े पहनें, टोपी या छाता इस्तेमाल करें और पानी ज्यादा पिएं। धूप के फायदे पाने के लिए रोज सुबह खुले में टहलें या बालकनी में बैठें। यह प्राकृतिक तरीका है जो बिना दवा के शरीर को मजबूत बनाता है।
Source: IANS

