आयुर्वेद का मल्टीविटामिन: विटामिन की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान है चक्रमुनि का पौधा

नई दिल्ली, 14 मार्च। आज की जीवनशैली में खुद के लिए समय निकाल पाना बहुत मुश्किल है और इससे सेहत सीधे तौर पर प्रभावित होती है।  

ऐसी स्थिति में विटामिन की कमी शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। विटामिन की पूर्ति के लिए सप्लीमेंट्स का चुनाव आसान रास्ता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक पौधा विटामिन ए, बी, सी, और डी की कमी को पूरा कर सकता है। चक्रमुनि का पौधा ऐसा पौधा है जिसमें सारे विटामिन को पूरा करने की क्षमता है और यही कारण है कि इसे मल्टीविटामिन का पौधा कहते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार चक्रमुनि के पौधे में सभी गुण व्याप्त हैं, जो इसे बाकी पौधों से अलग बनाते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम नामसौरोपस एंड्रोजिनस है, और गमले में इसे आसानी से लगाकर किचन गार्डन का हिस्सा बना सकते हैं। इसकी पत्तियां स्वाद में हल्की मीठी होती हैं और तासीर में गर्म। यह वात और कफ को संतुलित करने में भी सहायक है। इसकी पत्तियों के सेवन से रक्त की कमी पूरी होती है और यह ए, बी, सी व डी का अच्छा स्रोत माना गया है।

चक्रमुनि की पत्तियों का सेवन आंखों की रोशनी में सुधार करता है, मूत्र संक्रमण से बचाता है और पाचन में सुधार के लिए भी लाभकारी है। खास बात यह है कि इसकी पत्तियों का सेवन हर उम्र के लोग कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को भी रक्त की कमी में चिकित्सक इसे खाने की सलाह देते हैं। इसके सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती है और वजन भी नियंत्रित रहता है। इसकी पत्तियों में वसा व कैलोरी कम होती है और यह खाना पचाने वाले एंजाइम का उत्पादन तेजी से करता है, जिससे शरीर को पूरा पोषण मिलता है और भूख भी जल्दी से नहीं लगती।

चक्रमुनि की पत्तियों का सेवन सीधे तौर पर किया जा सकता है लेकिन चाहे तो इसे घर के भोजन में भी शामिल कर सकते हैं। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल दाल के तड़के, चटनी, रोटी, सांभर समेत कई व्यंजनों में किया जा सकता है। इसके साथ ही ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इसके सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

Source: IANS

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