क्या मधुमेह में फल खाने से भी बढ़ रहा है शुगर का स्तर? जानें कौन से फल है अमृत

नई दिल्ली, 19 फरवरी। जीवनशैली की वजह से हर साल देश में मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और सरकार लगातार मधुमेह के लिए लोगों को फिट जीवनशैली अपनाने के लिए जागरुक भी कर रही है।  

आलम ये है कि हर परिवार में एक न एक शुगर या बीपी का मरीज देखने को मिल जाता है, और ये दोनों ही बीमारियां एक दूसरे से कनेक्टेड हैं। सामान्य धारणा है कि मधुमेह का कारण मीठा खाना नहीं, बल्कि गलत जीवनशैली और अत्याधिक तनाव लेना है।

मधुमेह के मरीजों को सही आहार और मात्रा का बेहद ध्यान रखना पड़ता है। सही मात्रा में न खाया गया भोजन भी उनकी परेशानी को बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन ये समस्या फलों के साथ भी देखी जाती है। चिकित्सकों की मानें तो मधुमेह के मरीज को प्राकृतिक मीठे फलों से परहेज करना चाहिए, जिनका जीआई यानी ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से ज्यादा है। अगर स्वाद में प्राकृतिक रूप से मीठे फल का सेवन किया जाए, तो ये भी शुगर के बढ़ने का कारण होता है। अब सवाल है कि क्या खाएं और क्या नहीं। मधुमेह के मरीजों को फलों का सेवन भी सोच-समझकर करना होगा। चिकित्सक मरीजों को घंटों फल खाने की सलाह देते हैं, लेकिन रोजाना घंटे फल का सेवन पेट में अम्ल की मात्रा को भी बढ़ा देता है। ऐसे में फल को सही पोर्शन में खाना ही इलाज है।

मधुमेह के रोगी को जामुन का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसे मधुमेह के लिए अमृत फल कहा जाता है। इसकी गुठली से लेकर पत्ते तक मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी है। जामुन का सेवन पैंक्रियाज के फंक्शन को सपोर्ट करता है, ब्लड शुगर कंट्रोल में सहायक है और फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जिससे पेट भी साफ रहता है।

दूसरा फल है अमरूद। अमरूद पाचन और शुगर कंट्रोल के लिए वरदान है। इसके साथ ये जादुई फल कब्ज दूर करता है, मेटाबॉलिज्म को सुधारता है और विटामिन सी से भरपूर होता है। अमरूद मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है।

तीसरा फल है बेरीज (स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी)। इंडियन बेरी, चाहे आंवला हो या स्ट्रॉबेरी, मधुमेह के मरीजों के लिए सहायक है। इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही विटामिन सी होने की वजह से इम्युनिटी को भी मजबूत करते हैं। मधुमेह के मरीजों को जूस से परहेज करना चाहिए क्योंकि बिना फाइबर का जूस रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है। कच्ची हल्दी और आंवला का जूस पी सकते हैं।

Source: IANS

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