कच्चा पपीता शरीर की सूजन और टॉक्सिन कम करने में प्रभावी, जानें सेवन से जुड़ी सावधानियां
पके पीले पपीते के सेवन के लाभ के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन कच्चा पपीता पके हुए पपीते की तुलना में अधिक फायदेमंद है।।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल । पके पीले पपीते के सेवन के लाभ के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन कच्चा पपीता पके हुए पपीते की तुलना में अधिक फायदेमंद है।
कच्चा पपीता एक बहुउपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर फल है जो सही तरीके से सेवन करने पर पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है। इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन सी, कैरोटीनॉयड और प्राकृतिक एंजाइम इसे बाकी फलों की तुलना में ज्यादा पौष्टिक बनाते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद में कच्चे पपीते को दवा की उपाधि दी गई है, लेकिन सेवन से सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है।
अगर खाना खाने के बाद गैस में भारीपन लगता है और भूख भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है, तो कच्चे पपीते का सेवन करना अच्छा रहेगा। इसे सब्जी के रूप में खाया जा सकता है। यह पाचन को दुरुस्त करने और भूख को बढ़ाने में भी सहायक है। यह मंद पाचन शक्ति को मजबूत करता है, जिससे खाना अच्छे से पचता है। पके पपीते की तुलना में कच्चे पपीते में पापेन नाम का एंजाइम होता है, जो खाने को, खासकर प्रोटीन को जल्दी से तोड़कर पचाने में मदद करता है।
कच्चे पपीते के सेवन से वजन भी नियंत्रित रहता है। पपीते में कैलोरी कम होती है और फाइबर बहुत ज्यादा होता है। यही कारण है कि इसके सेवन के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। अगर ओवरइटिंग की आदत है, तब भी इसका सेवन शरीर के लिए लाभदायक होता है।
कच्चा पपीता शरीर की अंदरूनी सूजन को भी कम करने में मदद करता है। इसके सेवन से शरीर के टॉक्सिन निकलते हैं और आंतरिक सूजन भी कम होती है। इससे शरीर में रक्त शुद्धि भी होती है और चेहरा चमक उठता है। महिलाओं के जीवन में कच्चा पपीता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि महिलाओं में हॉर्मोन असंतुलन की समस्या सबसे अधिक देखी जाती है, लेकिन इसके सेवन का सही तरीका जानना भी जरूरी है।
इसका सेवन कम ही मात्रा में करना चाहिए। गर्भावस्था या फिर अगर बेबी प्लान कर रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही पपीते का सेवन करें। इसका सेवन जूस, सलाद, सूप या फिर पेठे के रूप में किया जा सकता है। हालांकि इसे कच्चा खाने से बचें और उबालकर ही सेवन करें।
Source: IANS
