कोकम शरबत से सोल कढ़ी तक, गर्मियों में शरीर को ठंडक ही नहीं पोषण भी देते हैं ये नेचुरल ड्रिंक्स

नई दिल्ली, 31 मई । देशभर के कई हिस्सों में गर्मियों का प्रकोप जारी है। इस मौसम में खानपान में बदलाव करके काफी हद तक सेहतमंद रहा जा सकता है। ऐसे में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को ठंडा रखने के लिए लोग नेचुरल ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। ये पेय न केवल गर्मी से राहत देते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के कई हिस्सों में प्रचलित ऐसे प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक ड्रिंक्स का जिक्र करते नजर आए। भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय सामग्री से तैयार होने वाले ये पेय वहां की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा हैं। इनमें स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी खास ख्याल रखा जाता है।

ये सभी पेय बिना किसी बड़ी ब्रांडिंग के घर की रसोई से निकलते हैं। इनमें कोई केमिकल या प्रिजर्वेटिव नहीं होता। गर्मियों में बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय इन देसी और प्राकृतिक पेयों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ये न सिर्फ गर्मी से लड़ने में मदद करते हैं बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ भी रखते हैं।

आम पन्ना: कच्चे आमों से बनने वाला यह पेय गर्मी में सबसे लोकप्रिय है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स भरपूर होते हैं। यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है, पाचन सुधारता है और गर्मी से होने वाली थकान को दूर करता है।

लस्सी: पंजाब और हरियाणा की शान। दही से बनी यह मोटी और स्वादिष्ट लस्सी प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है। यह पेट को स्वस्थ रखती है और गर्मी में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है।

छाछ: राजस्थान और गुजरात के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में खाने के साथ छाछ के सेवन का प्रचलन है। यह हल्की, पचने में आसान और पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छी होती है। इसमें विटामिन बी12, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

सत्तू का शरबत: बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का पारंपरिक पेय। सत्तू से बना यह शरबत प्रोटीन, फाइबर और खनिजों का खजाना है। यह पेट भरा रखता है, थकान मिटाता है और गर्मी में शरीर को ठंडक देता है।

कोकम शरबत: कोंकण और गोवा का खास पेय। कोकम फल से बनने वाला यह शरबत विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह पाचन सुधारता है, गर्मी में ठंडक देता है और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

सोल कढ़ी: कोकम और ताजे नारियल के दूध से बनी यह ड्रिंक स्वाद और सेहत दोनों का कमाल है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और शरीर को ठंडक पहुंचाती है।

पानकम: पनकम दक्षिण भारत का पारंपरिक और आयुर्वेदिक पेय है। गुड़, सोंठ, काली मिर्च और इलायची से तैयार यह पेय शरीर को ऊर्जा देता है, पाचन में मदद करता है और गर्मी के मौसम में ताजगी बनाए रखता है।

नीर मोर: नीर मोरू दक्षिण भारत खासकर तमिलनाडु का लोकप्रिय पारंपरिक पेय है। दही, पानी और हल्के मसालों से तैयार यह ड्रिंक शरीर को ठंडक पहुंचाती है, पाचन बेहतर बनाती है और गर्मी में ताजगी बनाए रखती है।

सम्बारम: दक्षिण भारत के ये पारंपरिक पेय दही, करी पत्ता, अदरक और मसालों से बनाए जाते हैं। ये इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होते हैं, डिहाइड्रेशन से बचाता है और पाचन में सहायक है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने और ऊर्जा देने वाला बेहतरीन प्राकृतिक ड्रिंक है।

बेल पना: ओडिशा का प्रिय पेय। बेल के फल से बना यह शरबत गर्मी में बहुत राहत देता है और पेट की समस्याओं में आराम पहुंचाता है।

Source: IANS

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