6 अगस्त 2026 का पंचांग: अष्टमी तिथि पर बन रहे खास संयोग, जानें पूरे दिन का शुभ-अशुभ समय

नई दिल्ली, 5 अगस्त । हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए काम की शुरुआत से पहले लोग पंचांग देखकर सही समय का चयन करते हैं।

6 अगस्त 2026, गुरुवार का दिन भी कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है। इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। अष्टमी तिथि शाम 6:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी।

गुरुवार होने के कारण यह दिन ज्ञान, शिक्षा, गुरु सम्मान और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करते हैं तथा पीले वस्त्र, चने की दाल और केले का दान भी शुभ मानते हैं। श्रावण मास होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बना हुआ है। शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल सकती है।

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:28 बजे और सूर्यास्त शाम 6:41 बजे होगा। वहीं चंद्रोदय रात 11:27 बजे और चंद्रास्त दोपहर 12:31 बजे रहेगा। भरणी नक्षत्र रात 8:14 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में भरणी नक्षत्र को साहस, जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। वहीं गंड योग दोपहर 3:01 बजे तक प्रभावी रहेगा। सुबह 7:49 बजे तक बालव करण रहेगा। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मेष राशि में विराजमान रहेंगे।

यदि आप किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ समय माना जाता है। वहीं राहुकाल दोपहर 1:44 बजे से 3:23 बजे तक, गुलिक काल सुबह 8:46 बजे से 10:25 बजे तक और यमगंड काल सुबह 5:28 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

गुरुवार को दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा करना जरूरी हो तो परंपरागत मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करके यात्रा करना शुभ माना जाता है।

Source: IANS

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