अमरनाथ यात्रा : चार दिन में 85 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

श्रीनगर, 7 जुलाई । अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज चार दिनों के भीतर 85,779 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। सोमवार को 28,818 श्रद्धालुओं ने गुफा में पहुंचकर बाबा अमरनाथ के दर्शन किए। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। सोमवार को दिनभर कई इलाकों में तेज बारिश हुई। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा तक पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

दर्शन करने के बाद सोमवार शाम श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप लौट आए। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप तक वापस पहुंचने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। यही वजह है कि पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले अधिकांश श्रद्धालु दर्शन के बाद वापसी के लिए बालटाल मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इस रास्ते से वे उसी दिन बेस कैंप तक लौट सकते हैं।

यात्रा मार्ग पर इस समय भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बेस कैंपों और विभिन्न पड़ावों पर देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बालटाल और नुनवान बेस कैंप पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे यात्रा क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर रुकने वाले स्थानों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं, जहां यात्रियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा बालटाल, नुनवान पहलगाम से लेकर पवित्र गुफा तक हजारों टेंट भी लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को ठहरने में किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेस कैंपों पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) के जरिए पहले से मौसम की जानकारी भी दे रहा है, ताकि यात्री मौसम के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकें।

पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक चार-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों और दोनों यात्रा मार्गों पर सेना और के जवान तैनात हैं, जबकि बेस कैंपों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ संभाल रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में पूरा सहयोग दे रही है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी पंजीकरण तिथि के अनुसार ही यात्रा करें। भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी अपंजीकृत श्रद्धालु या तय तिथि से पहले आने वाले यात्री को दोनों बेस कैंपों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस बीच जम्मू में भी श्रद्धालुओं का भारी सैलाब देखने को मिल रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से हजारों श्रद्धालु विभिन्न साधनों से रोजाना जम्मू पहुंच रहे हैं। मंगलवार सुबह से ही तवी रिवरफ्रंट, राम मंदिर, पुरानी मंडी और गीता भवन स्थित पंजीकरण और टोकन काउंटरों पर लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement