यूपी: मानव तस्करी के 9 अभियुक्तों को 8-8 साल के कठोर करावास की सजा

लखनऊ, 10 अप्रैल। रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं और बच्चों को अवैध रूप से सीमा कराने वाले मानव तस्करी से जुड़े सभी दोषियों को अदालत ने अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई है, साथ ही जुर्माने से भी दंडित किया है। 

तस्करी के इस अपराध से जुड़े आरोपियों को एटीएस/एनआईए मामलों के विशेष न्यायाधीश जैनेंद्र कुमार पांडेय ने सजा सुनाई है। 

एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की तरफ से मो. नूर उर्फ नुरुल इस्लाम (बंगलादेशी), रहमतउल्ला (रोहिंग्या), शबीउल्ला (रोहिंग्या) को अवैध घुसपैठ, अवैध दस्तावेज रखने व मानव तस्करी के जुर्म में 26 जुलाई 2021 को रेलवे स्टेशन गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से 3 पीड़ित व्यक्तियों को बरामद किया गया, पीड़ितों में 2 नाबालिग लड़कियां थीं।

अभियोग की विवेचना में संकलित साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त अब्दुल शकूर, आले मियां, मो. इस्माईल, मो. रफीक उर्फ रफीकुल इस्लाम, बप्पन उर्फ अरशद मियां व मोहम्मद हुसैन का नाम प्रकाश में आया, जिन्हे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। एटीएस द्वारा विवेचना पूर्ण करते हुए उपरोक्त सभी अभियुक्तगण के विरुद्ध आरोपपत्र/चार्जशीट कोर्ट में प्रेषित किया गया। 

एटीएस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं प्रभावी पैरवी के प्रमाणस्वरुप विचारण न्यायालय एनआईए/एटीएस द्वारा उपरोक्त अभियुक्तगण को अवैध घुसपैठ, जाली दस्तावेज रखने एवं मानव तस्करी का दोषी पाते हुए 9 अप्रैल 2026 को 8-8 साल के कठोर कारावास 2500-2500 रूपए के जुर्माने से दण्डित किया गया।

जानकारी के अनुसार पीड़ितों का शादी के नाम पर उत्पीड़न किया जाता था, जबकि पुरुषों और बच्चों को काम दिलाने के बहाने विभिन्न स्थानों पर भेजकर उनका आर्थिक शोषण किया जाता था।

Source: IANS

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