भगवान श्री कृष्ण को लेकर मौलाना के विवादित बयान पर भड़के संत विष्णु दास, रखा 10 लाख रुपए का इनाम
भगवान श्री कृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के विवाद बयान पर अयोध्या के संत विष्णु दास की प्रतिक्रिया सामने आई है। संत विष्णु दास ने जर्जिस अंसारी के बयान की निंदा की और 10 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर दी है।

अयोध्या, 16 जुलाई । भगवान श्री कृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के विवाद बयान पर अयोध्या के संत विष्णु दास की प्रतिक्रिया सामने आई है। संत विष्णु दास ने जर्जिस अंसारी के बयान की निंदा की और 10 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए संत विष्णु दास ने कहा, "एक मौलाना ने दावा किया है कि भगवान कृष्ण मुसलमान थे और नमाज पढ़ते थे। जो कोई भी उनकी जीभ काटेगा, उसे 10 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। मौलाना ने भगवान कृष्ण के भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उसे संस्कृत का एक शब्द भी नहीं आता और वह भगवद गीता के श्लोकों का गलत अर्थ निकाल रहा है।"
उन्होंने कहा, "इस मौलाना के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अखिलेश यादव यदुवंशी बनते हैं, लेकिन उस मौलाना के बयान के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोल सकते। ऐसे मौलानाओं के खिलाफ अखिलेश यादव क्यों नहीं बोलते? मौलाना के इस बयान से करोड़ों कृष्ण भक्त और हम साधु-संत दुखी हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना की टिप्पणी पर संत विष्णु दास ने कहा, "मैं सतीश महाना के इस बयान से सहमत नहीं हूं कि केवल उन्हीं लोगों का पैसा चोरी हुआ जिन्होंने आस्था और श्रद्धा के साथ दान नहीं दिया था। मंदिर जाने वाला हर व्यक्ति आस्था के साथ ही चढ़ावा चढ़ाता है, चाहे वह एक रुपया हो या उससे ज्यादा। हर चढ़ावा भगवान को श्रद्धा के साथ ही चढ़ाया जाता है। क्या सतीश महाना ने खुद अपना दान सच्ची श्रद्धा के साथ दिया था, यह कहने से पहले कि उनका पैसा चोरी नहीं हुआ जबकि दूसरों का दान चोरी हो गया? मैं ऐसे बयान का समर्थन नहीं करता क्योंकि यह अनुचित है।
कांवड़ यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर संत राजू दास ने कहा, "यह बहुत अच्छा कदम है और मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं। भगवान शिव के भक्त अपनी धार्मिक मन्नत के तौर पर कांवड़ यात्रा करते हैं और सनातन परंपराओं में पवित्रता का बहुत महत्व है। ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें, हमारी नजर में, कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने खाने-पीने की चीजों पर थूककर या मांसाहारी खाना परोसते समय 'गणेश ढाबा' या 'शिव ढाबा' जैसे हिंदू नाम इस्तेमाल करके कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसीलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है।
वाराणसी के लिए 25,446 करोड़ रुपए की दो एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर उन्होंने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री दुनिया के दोस्त हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद से ही काशी को कई बड़े तोहफे दिए हैं और यह भी उसी तरह की एक पहल है। आज काशी का नजारा अद्भुत है। मेरी नजर में प्रधानमंत्री मोदी की वजह से ही भारत 'विश्वगुरु' बनने की ओर बढ़ रहा है। चाहे काशी हो या अयोध्या, उनके नेतृत्व में दोनों जगहों पर जबरदस्त विकास हुआ है। मैं प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया का दोस्त इसलिए कहता हूं क्योंकि वह सबको साथ लेकर चलते हैं और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना के साथ काम करते हैं।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के यूसीसी पर दिए गए बयान पर संत राजू दास ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने एक बहुत अहम फैसला लिया है। कई राज्य पहले ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं और अब मोहन यादव ने भी इसके पक्ष में बात की है। उन्होंने कहा कि अगर रामचंद्र सिर्फ एक शादी करते हैं, तो रहीम को भी सिर्फ एक ही शादी करनी चाहिए। मुझे लगता है कि यह एक अच्छा कदम है। मेरी नजर में, मुसलमानों को भी सिर्फ एक शादी करने और कम बच्चे पैदा करने की परंपरा का पालन करना चाहिए, क्योंकि बढ़ती आबादी से चुनौतियां पैदा होती हैं। मेरा मानना है कि मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है जबकि हिंदुओं की आबादी घट रही है क्योंकि हिंदू एकजुट नहीं हैं।"
एक हिंदू छात्र को होमवर्क के तौर पर कथित तौर पर इस्लामी धार्मिक आयतें दिए जाने पर संत विष्णु दास ने कहा, "हैदराबाद में कुछ कट्टरपंथी तत्व हैं जो हिंदू बच्चों का इस्लाम में धर्म-परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद भारत में मुस्लिम आबादी बढ़ाना है। वे हिंदू बच्चों को निशाना बनाते हैं, उनसे उर्दू में लिखने, कलमा पढ़ने और उसे याद करने के लिए कहते हैं।"
आर्टिकल 370 पर कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज के बयानों पर विष्णु दास ने कहा,"लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भारत से ज्यादा समय विदेश में बिताते हैं। उन्हें विदेश में समय बिताना पसंद है। उन्हें अपनी पार्टी के नेताओं को ऐसे बयान देने से रोकने के बजाय उन्हें समझाना चाहिए। कुछ कांग्रेस नेता कहते हैं कि आर्टिकल 370 को बहाल किया जाना चाहिए। ऐसे नेताओं को भारत में नहीं रहना चाहिए। राहुल गांधी अपने नेताओं पर लगाम नहीं लगाते। वे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं और हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने के इरादे से मुसलमानों का समर्थन करते हैं। वे भारत को इस्लामिक देश बनाने का सपना देखते हैं।"
Source: IANS

