मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन के खारिज नामांकन पर ईसीआई से मिलेगी कांग्रेस की टीम

नई दिल्ली, 10 जून । भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) बुधवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेगा। बैठक में मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज किए जाने पर कांग्रेस की आपत्तियों पर चर्चा की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि ईसीआई के सीनियर अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच बैठक दोपहर में नई दिल्ली में आयोग के हेडक्वार्टर 'निर्वाचन सदन' में होनी है।

कांग्रेस अध्यक्ष को लिखे पत्र में ईसीआई के सचिव अश्विनी कुमार मोहाल ने कहा, "आयोग ने 10 जून को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के अशोक रोड स्थित निर्वाचन सदन में बातचीत के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को समय देने का निर्णय लिया है।"

बैठक के लिए कांग्रेस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, मोहाल ने उन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम भी मांगे जो बुधवार को ईसीआई ऑफिस जाने वाले हैं।

इससे पहले, मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले द्विवार्षिक चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार नटराजन के नॉमिनेशन पेपर खारिज कर दिए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर 'अलोकतांत्रिक तरीकों' से कांग्रेस की राज्यसभा सीट हथियाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल प्रशासनिक और प्रक्रियागत हथकंडों के जरिए कांग्रेस के अभियान को पटरी से उतारने का प्रयास कर रहा है।

कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने विधानसभा परिसर में हंगामा करने से पहले जानबूझकर नटराजन के नॉमिनेशन को चुनौती दी।

नाथ ने कहा, "भाजपा मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की राज्यसभा सीट छीनने के लिए सभी राजनीतिक मानदंडों का उल्लंघन करने पर आमादा है। हालांकि, कांग्रेस ऐसे तरीकों से डरेगी नहीं, और भाजपा को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा।"

भाजपा ने नटराजन के नॉमिनेशन फॉर्म पर आपत्ति जताई थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले के बारे में जानकारी छिपाई थी।

दर्ज की गई आपत्ति के अनुसार, पूर्व कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ चौथे अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया, जिन पर श्रीलता ने छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी सहित गंभीर आरोप लगाए हैं।

अपने बचाव में नटराजन ने इसे 'राजनीतिक साजिश' बताया और हैदराबाद की अदालत में श्रीलता की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने का प्रयास है।

सीनियर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भाजपा की आपत्ति के आधारों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नटराजन की उम्मीदवारी के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

उन्होंने बताया कि यह मामला सिर्फ एक नोटिस से जुड़ा है, जिसमें पूछा गया था कि उनसे और कई अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की वसूली की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

उनके अनुसार, नटराजन के वकील ने चुनाव कार्यालय में नोटिस का जवाब पहले ही जमा कर दिया था और इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। सिर्फ स्पष्टीकरण मांगने के लिए एक नोटिस जारी किया गया था और उसका जवाब पहले ही दिया जा चुका है। कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।"

एससीएस/एएस

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement