राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट फिर खुले, डीएमआरसी ने बहाल की सेवाएं
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार को घोषणा की कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। इन स्टेशनों के एंट्री गेट सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए थे।

नई दिल्ली, 25 जुलाई । दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार को घोषणा की कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। इन स्टेशनों के एंट्री गेट सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए थे।
डीएमआरसी ने अपने ताजा अपडेट में कहा, "राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट अब खोल दिए गए हैं।"
इससे पहले शनिवार को डीएमआरसी ने केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक प्रवेश और निकास सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की थी। यह फैसला जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन और बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर लिया गया था।
डीएमआरसी की एडवाइजरी के अनुसार लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। हालांकि अब राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के एंट्री गेट फिर से खोल दिए गए हैं।
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है और वह नहीं चाहते कि परीक्षा अनियमितताओं से पैदा हुई स्थिति का कोई राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा उठाए।
प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि युवाओं और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उन्होंने जवाबदेही स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया है।
देशभर में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अपने राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधान ने कहा, "मुझे हमारे लोकतंत्र की ताकत पर हमेशा अटूट विश्वास रहा है और युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और उम्मीदों का मैं गहरा सम्मान करता हूं। वे केवल भारत का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माता हैं। पिछले दस दिनों की घटनाओं से मैं बेहद आहत हूं। यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "जंतर-मंतर और देशभर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, ताकि राष्ट्रविरोधी ताकतें इसका लाभ न उठा सकें, राष्ट्रीय एकता बनी रहे, किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे और हमारे बच्चे पढ़ाई व अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।"
Source: IANS

