'कॉकरोच' टिप्पणी वाले पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 10 सितंबर को

नई दिल्ली, 11 अगस्त । सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' की गतिविधियों और अदालत की मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक और सोशल मीडिया इस्तेमाल की जांच की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।

याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट में जज या वकीलों की कही गई मौखिक बातों को व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने, उनके नाम या पहचान का गलत तरीके से इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया पर उनसे पैसे कमाने की भी जांच की जाए।

याचिकाकर्ता वकील राजा चौधरी ने 15 मई की अदालत की सुनवाई का हवाला दिया है जिसमें चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी में 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल किया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में हुई बातचीत को काट-छांटकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतीक, मीम और वायरल कंटेंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।

पीआईएल में बड़ी संख्या में फर्जी वकीलों और फर्जी लॉ डिग्री के मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट 10 सितंबर को पीआईएल पर सुनवाई करेगा।

बता दें कि यह पूरा विवाद मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान आई मौखिक टिप्पणी और उसके बाद उपजे डिजिटल आंदोलन से जुड़ा है। याचिका में चिंता जताई गई है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को मीम्स, ट्रोलिंग और वायरल कंटेंट के जरिए सनसनीखेज बनाकर उनका व्यावसायिक फायदा उठाया जा रहा है।

मई 2026 में चीफ जस्टिस की एक मौखिक टिप्पणी के बाद यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यंग्यात्मक और युवा-केंद्रित आंदोलन के रूप में उभरी थी।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter