ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में चाक-चौबंद सुरक्षा, 700 से अधिक

नई दिल्ली, 12 सितंबर । राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अलावा सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाली सभी गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है।

दिल्ली में अलग-अलग सेक्टर जोन में पुलिसकर्मियों की तैनाती है। सुरक्षा के लिए 15,000 पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां लगाई गई हैं। तकनीकी उपकरण भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी खतरे का पता लगाया जा सके।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सुरक्षा को मजबूत करने और आईजीआई एयरपोर्ट से शांति पथ तक के रास्तों पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और पांच कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में एक खास सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बना है, जहां से लगभग 500 कैमरों की फीड देखी जा सकती है। रास्ते की सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए खास सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं।

विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और विश्व नेताओं की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही लागू की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार रात 'एक्स' पर एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि शनिवार को सुबह 9.30 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नियंत्रित आवाजाही लागू रहेगी।

शिखर सम्मेलन से जुड़ी व्यवस्थाओं से कई प्रमुख सड़कें प्रभावित रहेंगी, जिनमें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, मथुरा रोड, मोती लाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियारी सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, सत्य मार्ग और शांति पथ शामिल हैं।

प्रभावित मार्गों में जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एन्क्लेव रोड, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जोसेफ ब्रोज़ टीटो मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग भी शामिल हैं।

पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। जहां भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर मेट्रो का उपयोग करें। निर्धारित डायवर्जन मार्गों और ट्रैफिक कर्मियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

गौरतलब है कि भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स में अभी 11 सदस्य देश और 10 पार्टनर देश हैं। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं।

Source: IANS

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