भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन, सुरक्षा

नई दिल्ली, 13 सितंबर । दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। विदेशी मेहमानों के लिए आज के दिन भी भारत मंडपम सजकर तैयार है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

यह सम्मेलन शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ था। सभी ब्रिक्स देशों के समर्थन से कल 'नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' जारी किया गया। इस घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए आपसी बातचीत, परामर्श और कूटनीतिक प्रयासों के अपने संकल्प को दोहराया।

घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी चिंता जताई गई और ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने के साथ-साथ ऐसी कार्रवाइयों से बचने को कहा गया जिनसे हालात और बिगड़ सकते हैं। बता दें कि भारत चौथी बार इस सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।

वहीं, शनिवार को चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों को लेकर अहम बातें कही।

शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को मानवता के भविष्य और अपने लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत बनाना चाहिए तथा विश्व शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति शी ने भारत-चीन संबंधों के दीर्घकालिक और स्थिर विकास के लिए चार प्रमुख सुझाव भी दिए।

उन्होंने कहा कि पहला, दोनों देशों को वस्तुनिष्ठ और संतुलित रणनीतिक समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए। भारत और चीन साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर हैं, खतरा नहीं। उन्होंने कहा कि यह सोच दोनों देशों के विकास स्तर, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और जनता के साझा हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

दूसरा, दोनों देशों को सहयोग और साझेदारी के जरिए साझा सफलता हासिल करनी चाहिए। इसके लिए विकास को साझा लक्ष्य मानकर मित्रवत संबंधों और पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए।

तीसरा, दोनों देशों को आपसी सम्मान और समझदारी के आधार पर बाधाओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए तथा सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए।

चौथे सुझाव में शी जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन तथा जी-20 जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाना चाहिए।

Source: IANS

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