एनएचएआई ने बढ़ाई फास्टैग एनुअल पास की फीस, अब 75 रुपए अधिक खर्च करने होंगे

नई दिल्ली, 15 मार्च। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने रविवार को फास्टैग एनुअल पास की फीस 75 रुपए बढ़ाने का ऐलान किया है।  

एनएचएआई के मुताबिक, अब यूजर्स को फास्टैग एनुअल पास के लिए 3,075 रुपए चुकाने होंगे, यह पहले 3,000 रुपए थी। नई फीस एक अप्रैल, 2026 से लागू होगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा, "एनएचएआई ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास के लिए लागू शुल्क को वर्तमान 3,000 रुपए से बढ़ाकर 3,075 रुपए करने की घोषणा की है।"

एनएचएआई के अनुसार, यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है।

फास्टैग वार्षिक पास निजी वाहन मालिकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है और वर्तमान में 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इसका लाभ उठा रहे हैं।

संशोधित वार्षिक पास वैध फास्टैग वाले पात्र गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए उपलब्ध रहेगा।

इसका उपयोग देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है।

फास्टैग वार्षिक पास उपयोगकर्ताओं को बार-बार रिचार्ज करने से बचाता है। इसके लिए उन्हें एक बार शुल्क देना होता है जो एक वर्ष या अधिकतम 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग तक मान्य रहता है, जो भी पहले हो।

यह सुविधा नियमित यात्रियों के लिए राजमार्ग यात्रा को अधिक सुविधाजनक और किफायती बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।

भुगतान हो जाने के बाद, वार्षिक पास वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।

उपयोगकर्ता राजमार्ग यात्रा ऐप या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पास खरीद या नवीनीकृत कर सकते हैं।

इसमें आगे कहा गया है, "वार्षिक पास, राजमार्ग यात्रा ऐप या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की वेबसाइट के माध्यम से एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद, वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।"

फास्टैग वार्षिक पास को स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, 2025 को लॉन्च किया गया था।

एनएचएआई ने कहा कि पास की बढ़ती लोकप्रियता भारत भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बार-बार यात्रा करने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधा को दर्शाती है।

Source: IANS

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