1866 में लिकटेंस्टीन से 1971 में बहरीन तक: 15 अगस्त को भारत के अलावा

नई दिल्ली, 15 अगस्त । 15 अगस्त की सुबह होते ही भारत में तिरंगा लहराता है, राष्ट्रगान गूंजता है और लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन हर भारतीय के दिल में गर्व भर देता है। 1947 में इसी दिन भारत को ब्रिटिश राज से आजादी मिली थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त सिर्फ भारत का ही स्वतंत्रता दिवस नहीं है? दुनिया के 4 और देश भी इसी तारीख को अपनी आजादी या राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाते हैं।

आइए जानते हैं भारत के अलावा कौन-कौन से देश 15 अगस्त को अपना खास दिन मानते हैं। इस सूची में पहले नंबर पर कोरिया (दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया) का नाम है। 15 अगस्त 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार के साथ ही कोरियाई प्रायद्वीप को 35 साल की जापानी सत्ता से मुक्ति मिली।

1910 से 1945 तक कोरिया जापान के अधीन था। जापान के आत्मसमर्पण के बाद कोरिया आजाद हुआ, लेकिन बाद में यह दो देशों में बंट गया - उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया। इसके बावजूद, दोनों देश 15 अगस्त को 'ग्वांगबोकजोल,' यानी 'प्रकाश की वापसी का दिन' मनाते हैं। दक्षिण कोरिया में इस दिन सरकारी छुट्टी होती है, परेड होती है, और राष्ट्रपति संबोधन देते हैं। उत्तर कोरिया में भी इसे मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। दोनों के लिए यह विदेशी शासन से मुक्ति का प्रतीक है।

कांगो गणराज्य भी 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस, 'कांगोलेज नेशनल डे', के रूप में मनाता है। मध्य अफ्रीका का देश कांगो गणराज्य 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से आजाद हुआ था। फ्रांस के उपनिवेश के रूप में जाने वाले इस देश को लंबी लड़ाई के बाद संप्रभुता मिली। आजादी के बाद इसका नाम 'कांगो गणराज्य' पड़ा। यहां 15 अगस्त को 'कांगोलेज नेशनल डे' के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। इस दिन ब्राज़ाविले में सैन्य परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रपति का भाषण होता है। कांगो के लोगों के लिए यह दिन राष्ट्रीय गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

खाड़ी देश बहरीन भी 15 अगस्त, 1971 को ब्रिटेन से स्वतंत्र हुआ था। एक समझौते के तहत ब्रिटेन ने बहरीन पर अपना संरक्षण खत्म किया और देश को पूर्ण संप्रभुता मिली। दिलचस्प बात यह है कि बहरीन अपना आधिकारिक राष्ट्रीय दिवस 16 दिसंबर को मनाता है, क्योंकि उसी दिन 1971 में देश के पहले अमीर शेख ईसा बिन सलमान अल खलीफा ने सत्ता संभाली थी। लेकिन ऐतिहासिक रूप से 15 अगस्त को ही बहरीन ब्रिटेन से मुक्त हुआ था, इसलिए इस तारीख का भी खास महत्व है।

यूरोप का छोटा सा देश लिकटेंस्टीन 15 अगस्त 1866 को जर्मन परिसंघ से अलग हुआ था। हालांकि तब इसे पूरी आजादी नहीं मिली थी, लेकिन इसी दिन देश ने संप्रभुता की ओर पहला कदम रखा। 1940 में लिकटेंस्टीन ने 15 अगस्त को अपना राष्ट्रीय दिवस घोषित कर दिया। इसकी एक वजह यह भी थी कि उस समय के राजकुमार फ्रांसिस जोसेफ द्वितीय का जन्मदिन भी 15 अगस्त को था। आज इस दिन देशभर में आतिशबाजी, लोक संगीत, शाही महल के सामने समारोह और झील किनारे उत्सव होते हैं।

वहीं, अगर बात भारत की करें तो देश के लिए 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के बलिदान की कहानी है। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई से लेकर असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी के बाद हमें यह आजादी मिली। इसी दिन 1947 में जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले से 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण दिया था।

एक ही तारीख, कई कहानियां। 15 अगस्त दुनिया को याद दिलाता है कि आजादी की कीमत हर देश में खून-पसीने से चुकाई गई है। चाहे भारत हो, कोरिया हो या कांगो, इस दिन की गूंज हर जगह एक जैसी है: गर्व, संघर्ष और नए कल की उम्मीद।

Source: IANS

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