'कॉर्पोरेट जिहाद' रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार टोल-फ्री नंबर जारी करने की योजना बना रही: नितेश राणे

मुंबई, 16 अप्रैल। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने नाशिक सेक्स स्कैंडल और कन्वर्जन रैकेट को लेकर बातचीत के दौरान कई अहम और विवादित बातें कही हैं। 

मंत्री नीतेश राणे ने कहा कि अब समय आ गया है कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को कॉर्पोरेट जगत में भी काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, ताकि 'कॉर्पोरेट जिहाद' जैसी गतिविधियों को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले कुछ दुकानदारों ने यह फैसला लिया था कि वे न तो मुस्लिमों को सामान बेचेंगे और न ही उनसे खरीदारी करेंगे।

इसी दौरान मंत्री नितेश राणे ने यह भी जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार एक टोल-फ्री नंबर जारी करने की योजना पर काम कर रही है। इस नंबर के जरिए ऐसे लोग, जो किसी भी प्रकार के 'जिहाद' से जुड़े मामलों में खुद को पीड़ित मानते हैं, अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिकायत करने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

नितेश राणे ने आगे कहा कि "आजकल जिस तरह से कॉर्पोरेट जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं, उसे देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी हो गया है।"

उन्होंने यह भी कहा कि अगर कंपनियां हिंदुओं को नौकरी देंगी, तो 'हिंदू राष्ट्र' ज्यादा मजबूत होगा। उनके अनुसार, अगर नौकरियों का इस्तेमाल 'जिहाद' के लिए किया जा रहा है, तो इस पर सख्त रुख अपनाना समय की मांग है।

मंत्री ने दावा किया कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे संपर्क किया जा रहा है और कुछ लोगों ने अपनी कंपनियों में शोषण होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लोगों की मदद के लिए सरकार टोल-फ्री नंबर जारी करने पर विचार कर रही है, ताकि पीड़ित सीधे संपर्क कर सकें और उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।

Source: IANS

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