ईडी ने मर्लिन ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता में कई जगहों पर छापेमारी की

कोलकाता, 17 अप्रैल । प्रवर्तन निदेशालय कोलकाता में मर्लिन ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के अंतर्गत कई जगहों पर तलाशी अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई मर्लिन ग्रुप के प्रोजेक्ट में कथित जालसाजी और गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी है।

ईडी की टीम ने कोलकाता और आसपास के इलाकों में सात स्थानों पर छापेमारी की। इनमें मर्लिन ग्रुप से जुड़े व्यक्ति और कंपनियों के ठिकाने शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस कोलकाता के आनंदपुर इलाके में चल रहे करीब 600 करोड़ रुपए के 'मर्लिन नियासा' प्रोजेक्ट पर है।

आरोप है कि इस प्रोजेक्ट में जमीन की मालिकाना हक की जाली शृंखला बनाई गई और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। इससे सार्वजनिक निवेश को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है।

तलाशी के दौरान ईडी की टीम ने सुशील कुमार धंधानिया और विजय कुमार धंधानिया के घर पर छापा मारा। यह घर कोलकाता के 4, मिडलटन स्ट्रीट, पश्चिम बंगाल, पिन कोड 700071 पर स्थित है। इसके अलावा डी.सी. पॉल ग्रुप कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की कंपनी पर भी तलाशी ली गई। कंपनी का पता एसी 17, सॉल्ट लेक सिटी, सेक्टर-1, कोलकाता, पिन कोड 700064 है।

ईडी ने कंपनी की डायरेक्टर कामलिनी पॉल के घर पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया। उनका निवास सीएफ 88, सेक्टर-1, सॉल्ट लेक, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल, पिन कोड 700064 पर है। साथ ही कंपनी की पूर्व डायरेक्टर शांति रंजन पॉल के ठिकाने पर भी छापेमारी हुई। उनका पता ब्लॉक सीके-116, सॉल्ट लेक सिटी, कोलकाता, पिन कोड 700091 है।

जांचकर्ताओं का कहना है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों और गलत बोर्ड रिजॉल्यूशन का इस्तेमाल करके जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट तैयार किया। इससे मर्लिन ग्रुप को जमीन पर अवैध कब्जा करने में मदद मिली। इस मामले में पहले भी कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एग्रीमेंट रद्द करने की मांग की गई थी।

ईडी अब इन स्थानों से मिले दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई से मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी चेन को उजागर करने की उम्मीद है। मर्लिन ग्रुप के प्रमोटर्स पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Source: IANS

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