पीएम मोदी ने बताया, पिछले 12 वर्षों में कैसे मजबूत हुआ भारत का रक्षा तंत्र, स्वदेशी तकनीक को मिला बड़ा बढ़ावा

नई दिल्ली, 17 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में पिछले 12 वर्षों में हुए महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर एक 'एक्स' पोस्ट किया है। उन्होंने 'माईगव इंडिया' के एक पोस्ट को रिपोस्ट कर कहा कि इस थ्रेड में बताया गया है कि कैसे भारत ने वायु, जमीन और समुद्र में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया, स्वदेशी तकनीकों को उन्नत किया और आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।

बता दें कि 'माईगव इंडिया' द्वारा शेयर किए गए 'एक्स' पोस्ट में कहा गया कि भविष्य उन्हीं देशों का होता है जो समय रहते क्षमता निर्माण, तकनीक और मजबूती पर निवेश करते हैं। भारत की पिछले 12 वर्षों की रक्षा यात्रा इस सोच का एक प्रभावशाली उदाहरण है।

पोस्ट में बताया गया कि बीते 12 वर्षों के दौरान भारत ने वायु, थल और नौसैनिक क्षेत्रों में अपनी स्वदेशी क्षमताओं का विस्तार किया है। साथ ही रणनीतिक तकनीकों के विकास को गति दी गई है और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं।

तेजस भारत की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमताओं और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। एचएएल द्वारा विकसित इस विमान ने साबित कर दिया है कि भारत अपने खुद के फाइटर जेट डिजाइन कर और बना सकता है। तेजस एमके-1ए को शामिल करने और एमके-2 के विकास के साथ, भारत एक मजबूत स्वदेशी कॉम्बैट एविएशन इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।

आकाश मिसाइल सिस्टम भारत के एयर डिफेंस सिस्टम का एक अहम हिस्सा बन गया है।अगली पीढ़ी का आकाश-एनजी, तेजी से प्रतिक्रिया देने, बेहतर तरीके से टारगेट को ट्रैक करने और दुश्मन के हमले को रोकने की मजबूत क्षमता के साथ इसके प्रदर्शन को और बेहतर बनाता है। पिनाका ने अपनी गतिशीलता, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और स्वदेशी डिजाइन से भारत की आर्टिलरी (तोपखाने) की क्षमताओं को बदल दिया है।

अग्नि-V ने भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमताओं में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। आईएनएस अरिहंत को शामिल करना भारत की रणनीतिक रक्षा यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। आईएनएस विक्रांत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं के उदय का प्रतीक है।

भारत की नौसेना का आधुनिकीकरण, प्रोजेक्ट 17ए स्टील्थ फ्रिगेट्स, प्रोजेक्ट 15बी डिस्ट्रॉयर्स और कलवरी-क्लास सबमरीन्स जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स के जरिए तेजी से आगे बढ़ा है।

दुनिया भर में मशहूर ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर अस्त्र और रुद्रम तक, भारत ने मिसाइल बनाने का एक मजबूत घरेलू सिस्टम तैयार किया है। वहीं, सी-295 प्रोग्राम के बारे में बताया गया है कि यह भारत के एयरोस्पेस सफर में एक नया अध्याय है।

Source: IANS

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