अवैध खनन मामले में ईडी की आठ जगहों पर छापेमारी, निजी फर्म पर 131 करोड़ के अवैध खनन का आरोप

नई दिल्ली, 17 जुलाई । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पटना ने बिहार के बांका जिले में अवैध रेत खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। यह मामला महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए कथित अवैध रेत खनन से जुड़ा है।

जांच के अनुसार, महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राजस्थान के गंगानगर के चांडक परिवार के पास है। कंपनी को अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक संचालित करते हैं। ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने बांका जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत का खनन किया। आरोप है कि राज्य के खनन विभाग ने इस अवैध खनन की जानकारी समय पर नहीं दी और न ही इस पर प्रभावी कार्रवाई की।

मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी पटना ने 1 अक्टूबर 2024 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना से बांका जिले की नदियों में स्थित रेत घाटों का जियोस्पेशियल एनालिसिस (भौगोलिक-स्थानिक विश्लेषण) करने का अनुरोध किया था। आईआईटी पटना की रिपोर्ट के विश्लेषण में पता चला कि संबंधित कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए बड़ी मात्रा में रेत निकाली। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच अवैध रूप से निकाली गई रेत की अनुमानित कीमत 131 करोड़ रुपये से अधिक है।

ईडी ने इस जानकारी को पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक के साथ साझा किया। इसके बाद बिहार सरकार के खान एवं भू-विज्ञान विभाग की ओर से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।

ईडी की ओर से बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में कुल आठ स्थानों पर तलाशी की प्रक्रिया जारी है। इनमें बिहार के बांका और पटना के साथ ही दिल्ली में एक और राजस्थान के गंगानगर में चार और जयपुर में एक जगह पर तलाशी की जा रही है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

Source: IANS

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