पीएसीएल घोटाले में ईडी की रिकॉर्ड कार्रवाई, 10,021 करोड़ की 247

नई दिल्ली, 18 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली जोनल ऑफिस-2 ने पीएसीएल लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली), रूपनगर, जीरकपुर और मोहाली में स्थित 247 अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच कर लिया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 10,021.46 करोड़ रुपए है। यह ईडी की अब तक की सबसे बड़ी एकल अटैचमेंट कार्रवाई है।

यह जांच सीबीआई द्वारा 19 फरवरी 2014 को दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आईपीसी की धारा 120-बी और 420 के तहत धोखाधड़ी और साजिश का आरोप है। यह एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज की गई थी। सीबीआई ने 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पीएसीएल और संबंधित कंपनियां/व्यक्ति शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास के बहाने पूरे भारत में लाखों निवेशकों से धोखे से 48,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाए। निवेशकों को कैश डाउन पेमेंट या किस्तों में निवेश के लिए लुभाया गया और उनसे गुमराह करने वाले एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी आदि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। ज्यादातर मामलों में भूमि कभी डिलीवर नहीं हुई और निवेशकों को उनका पैसा नहीं लौटाया गया।

फ्रॉड को छिपाने के लिए फ्रंट एंटिटीज का इस्तेमाल किया गया और रिवर्स सेल ट्रांजेक्शन किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 के आदेश में सेबी को निर्देश दिया कि पीएसीएल द्वारा खरीदी गई भूमि बेचकर प्राप्त राशि निवेशकों में वितरित की जाए। इसके लिए पूर्व सीजेआई जस्टिस आर. एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। लेकिन जांच में पता चला कि पीएसीएल की संपत्तियों का गैर-कानूनी इस्तेमाल जारी था।

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो, जयपुर और बेंगलुरु पुलिस ने भी निवेशकों के पैसे से खरीदी गई भूमि की अवैध बिक्री पर एफआईआर दर्ज कीं। तलाशी में खाली सेल डीड, साइन की हुई चेक बुक और पहचान दस्तावेज जब्त हुए, जो मनी लॉन्ड्रिंग की व्यवस्थित कोशिश दर्शाते हैं।

ईडी ने 2016 में ईसीआईआर दर्ज की और 2018 में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की। इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में तीन सप्लीमेंट्री कंप्लेंट फाइल की गईं। स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने सभी पर संज्ञान लिया है। अटैच की गई 247 संपत्तियां निवेशकों के फंड से खरीदी गईं और क्राइम प्रोसीड्स हैं। इस अटैचमेंट के साथ ईडी ने अब तक भारत और विदेश में कुल 17,610 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अटैच की हैं।

Source: IANS

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