मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का किया विधिवत शुभारंभ

ऋषिकेश, 18 अप्रैल । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए रवाना होने वाली बसों को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "ये खुशी की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ कर दिया है। 19 अप्रैल को मां यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल जाएंगे, जबकि 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।"

हेमंत द्विवेदी ने आगे कहा, "मंदिर समिति और शासन-प्रशासन मिलकर यात्रियों के लिए एसओपी और पूरा रोड मैप तैयार कर चुका है। मैं आईएएनएस के माध्यम से पूरे देश के यात्रियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत करता हूं कि सभी लोग चारों धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का पुण्य लाभ उठाएं।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जब से केंद्र में मोदी की सरकार बनी है, उत्तराखंडवासी सौभाग्यशाली रहे हैं। पीएम मोदी का हमारे राज्य के प्रति गहरा लगाव है। पहले चारधाम यात्रा की चढ़ाई में बहुत कठिनाई होती थी, लेकिन अब शानदार सड़कों का निर्माण हो चुका है। रेलवे कनेक्टिविटी भी जल्द पूरी हो जाएगी। इससे यात्रियों को काफी आराम मिल रहा है।

द्विवेदी ने कहा, "पिछले 10 सालों में, खासकर 4 सालों में, हमारी सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। हमारा संकल्प है कि यात्रियों को सुरक्षित, सरल, और सुलभ तरीके से दर्शन करवाए जाएं। मंदिर समिति की एडवांस टीम पहले ही धामों में पहुंच चुकी है। लोक निर्माण विभाग, पेयजल, स्वास्थ्य, और चिकित्सा व्यवस्था सहित सभी विभाग पूरी मुस्तैदी से लगे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और आपदा कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं।"

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने यात्रा के दौरान मोबाइल फोन और गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। चारधाम क्षेत्र भौगोलिक रूप से दुर्गम है और जगह सीमित होने के कारण दर्शन में असुविधा होती थी। मोबाइल फोन के कारण भीड़ में और ज्यादा परेशानी बढ़ जाती थी। तीर्थ पुरोहितों और यात्रियों के सुझाव पर इस बार मंदिर परिसर में 60 से 100 मीटर तक मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इससे दर्शन सुविधाजनक और शांतिपूर्ण होंगे।

गैर-सनातनियों के प्रवेश पर द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है। आदि शंकराचार्य काल से ही इन धार्मिक क्षेत्रों की पवित्रता बनाए रखने की परंपरा चली आ रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री सनातन धर्म की प्राणवायु और आस्था के केंद्र हैं। इनकी पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के लिए मंदिर समिति और शासन ने निर्णय लिया है कि मंदिर परिसर और गर्भगृह के आसपास गैर-सनातनियों का पूर्णतः प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आईएएनएस के साथ बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शनिवार से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है और 19 अप्रैल से विधिवत रूप से यात्रा प्रारंभ हो रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल जाएंगे। 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। यात्रा सुचारू रूप से चले, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से की जा चुकी हैं।

धामी ने कहा, "हम सभी तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और देशभर से आने वाले भक्तों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत करते हैं। हर वर्ष चारधाम यात्रा एक नया मुकाम हासिल करती है। इस वर्ष भी भगवान के आशीर्वाद से यात्रा सफल और सुव्यवस्थित होगी। हम सभी विभागों के साथ मिलकर यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

उन्होंने बताया कि यात्रा को और आसान बनाने के लिए कई समीक्षाएं की गई हैं और सभी प्रबंध किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इस बार भी चारधाम यात्रा एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

Source: IANS

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