दिल्ली हाई कोर्ट में नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले 'टेलीग्राम' के अस्थाई प्रतिबंध पर होगी सुनवाई

नई दिल्ली, 18 जून । केंद्र सरकार की ओर से टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थाई प्रतिबंध के मामले पर गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई है। याचिका में केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट की कॉज लिस्ट के अनुसार, 'टेलीग्राम एफजेड एलएलसी व अन्य बनाम भारत संघ और अन्य' का मामला जस्टिस तेजस करिया की वेकेशन बेंच के सामने दोपहर 2:30 बजे के लिए लिस्ट किया गया है।

बुधवार को, दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा था और संबंधित अधिकारियों को अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखने की इजाजत दी थी।

टेलीग्राम की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। कंपनी का तर्क था कि उसकी सेवाओं को कुछ समय के लिए रोकना और उससे जुड़ी पाबंदियां जरूरत से ज्यादा थीं और इससे देश भर में लाखों यूजर्स पर बुरा असर पड़ सकता है।

केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को देश में टेलीग्राम के कामकाज पर 22 जून तक कुछ समय के लिए रोक लगाने की घोषणा की गई। सरकार की ओर से की गई घोषणा में परीक्षा का दिन और उसके ठीक बाद का समय शामिल है।

बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से यह कदम नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक, गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन और नकल कराने वाले नेटवर्क को रोकने की कोशिशों के तहत उठाया गया था।

एनटीए के अनुसार, समस्या के बड़े पैमाने को देखते हुए चैनल-स्पेसिफिक टेकडाउन और एनफोर्समेंट एक्शन जैसे दूसरे उपाय नाकाफी साबित हुए, जिसके बाद कुछ समय के लिए रोक लगाना जरूरी हो गया।

प्लेटफॉर्म तक पहुंच को सीमित करने के अलावा, अधिकारियों की ओर से टेलीग्राम को भारत में 30 जून तक अपने मैसेज-एडिटिंग फीचर को बंद करने का भी निर्देश दिया गया। एनटीए का दावा था कि इस फीचर का पहले गलत इस्तेमाल किया गया था। पुराने मैसेज को एडिट करके और अटैचमेंट बदलकर, लेकिन ओरिजिनल टाइमस्टैम्प को बनाए रखकर, प्रश्न पत्र लीक होने के झूठे सबूत बनाए गए थे।

एजेंसी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि "पेपर लीक्ड नीट," "री-नीट 2026" और "प्राइवेट माफिया" जैसे नामों से चल रहे कई टेलीग्राम चैनलों पर पेपर तक पहुंचने के बदले उम्मीदवारों से पैसे मांगे जा रहे थे।

टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल डुरोव ने कुछ समय के लिए लगाई गई रोक की आलोचना करते हुए कहा कि इससे भारत में 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हुए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में डुरोव ने कहा कि टेलीग्राम ने हाल के हफ्तों में पहले ही सैकड़ों ऐसे चैनल हटा दिए हैं, जो कथित तौर पर लीक हुए परीक्षा मटीरियल को शेयर करने और भारत में छात्रों को निशाना बनाकर स्कैम चलाने में शामिल थे। 3 मई को हुई मूल परीक्षा के दौरान प्रश्न-पत्र लीक होने के आरोपों के बाद नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है।

Source: IANS

अन्य समाचार

Advertisement

Advertisement

Advertisement

Get Newsletter

Advertisement