ईरान को समर्थन न देने से भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा: राज ठाकरे

मुंबई, 19 मार्च। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा ईरान को समर्थन न देने पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भरोसेमंद सहयोगी का साथ न देने से भारत को गंभीर कूटनीतिक और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में गुड़ी पड़वा के अवसर पर दिए अपने भाषण में ठाकरे ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भारत का अधिकांश तेल ईरान से आता है और ईरान ने इसे रुपए में आपूर्ति की है।

उन्होंने कहा कि जब ईरान पर हमला हुआ, तो हमारे प्रधानमंत्री ने समर्थन में एक भी बयान जारी नहीं किया। खामेनेई के निधन के बाद भी शोक या विरोध का कोई आधिकारिक संदेश नहीं आया।

एमएनएस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर ठाकरे ने इस उपलब्धि को 'दिव्य संकेत' बताया और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी अंततः सत्ता में आकर महाराष्ट्र की 'खोई हुई शान' को पुनर्स्थापित करेगी।

अपने विस्तृत भाषण में उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज, बिगड़ते शहरी बुनियादी ढांचे के बारे में बात की और ईरान-इजराइल संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की।

बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में एमएनएस की करारी हार के बाद यह उनका पहला भाषण था, जिसमें उन्होंने मराठी गौरव और मराठी मानुष के हितों की रक्षा के मुद्दों पर अपने चचेरे भाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हाथ मिलाया था।

घरेलू मामलों की ओर मुड़ते हुए, ठाकरे ने महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में 2014 में राज्य का कर्ज लगभग 2 लाख करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकास की बात करते हैं, लेकिन राज्य कर्ज में डूब रहा है।

Source: IANS

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