प्रधानमंत्री का ओडिशा दौरा 20 जून को, 47,600 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

नई दिल्ली, 19 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून 2026 को ओडिशा का दौरा करेंगे। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भी इस दौरे में प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शिरकत करके पूरे कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी। इस दौरान प्रधानमंत्री कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:15 बजे मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का दौरा करेंगे। वे संथाली जहेरा और हो जहेरा के पवित्र उपवनों, कौशल केंद्र और पहाड़पुर स्कूल में पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरे को आदिवासी और ग्रामीण लोगों के बीच शैक्षणिक अवसर, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

दोपहर करीब 1 बजे, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मयूरभंज जिले के रायरांगपुर में ओडिशा सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। 'विकास धारा, ओडिशा सारा' विषय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई सहित प्रमुख क्षेत्रों में परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से ओडिशा भर में अवसंरचना को मजबूती मिलेगी, संपर्क में सुधार होगा, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रधानमंत्री के समावेशी और समग्र विकास के दृष्टिकोण को दर्शाते हुए, ये पहलें आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को और गति प्रदान करेंगी और विकास के लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचाएंगी।

जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट की अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना और आईबी थर्मल पावर स्टेशन की चरण-II विस्तार परियोजना शामिल हैं, जिसमें 660 मेगावाट की दो इकाइयां होंगी। ये परियोजनाएं ओडिशा में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। इसके अलावा, झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी। इससे घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र में नए औद्योगिक और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें भुवनेश्वर में 300 टीपीडी क्षमता वाला स्रोत-पृथक नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, कटक और भुवनेश्वर को सीधा जोड़ने वाला काठाजोड़ी नदी पर पुल, बौध जिले में ढालपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, नुआपड़ा से घाटीपाड़ा तक एनएच-353 के एक खंड का चार लेन का निर्माण, कुसुमदिही मेगालिफ्ट सिंचाई परियोजना, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और रायरांगपुर में इंडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।

बौध में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल भवन का उद्घाटन किया जाएगा, साथ ही ओडिशा के विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड और नौ स्वचालित परीक्षण केंद्रों का भी उद्घाटन होगा। इन परियोजनाओं से राज्य में स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन की जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में एनएच-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना का भूमिगत पाइपलाइन घटक, जाखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड-बैतरानी रोड मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, हिंदोल रोड-मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, रायरांगपुर में खेल परिसर और जनजातीय अनुसंधान केंद्र आदि शामिल हैं।

Source: IANS

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