राष्ट्रपति भवन में लूला का औपचारिक स्वागत, पीएम मोदी के साथ हैदराबाद

नई दिल्ली, 21 फरवरी। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रेसिडेंट लूला का गर्मजोशी से स्वागत किया। 

इसके बाद पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक कर रहे हैं, जिसमें दो ग्लोबल साउथ देशों के बीच पार्टनरशिप को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की उम्मीद है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का ये दौरा 18 से लेकर 22 फरवरी तक का है। अपने राजकीय दौरे पर राष्ट्रपति लूला इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भी शामिल हुए। द्विपक्षीय बैठक के अलावा द्रौपदी मुर्मु ब्राजील के प्रेसिडेंट के सम्मान में एक डिनर होस्ट करेंगी।

बता दें, राष्ट्रपति लूला के साथ करीब 14 मंत्री और ब्राजील की कंपनियों के टॉप सीईओ का एक बड़ा डेलीगेशन भी है। साथ आए मंत्री भी अपने भारतीय समकक्षों के साथ मीटिंग करेंगे। ब्राजील के राष्ट्रपति के दौरे के दौरान एक बिजनेस फोरम का भी आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ब्राजीलियाई कंपनियों के सीईओ भी इस फोरम में हिस्सा लेंगे। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते ट्रेड और कमर्शियल एंगेजमेंट को दिखाता है। यह प्रेसिडेंट लूला का भारत का छठा दौरा है।

इससे पहले लूला ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। मुलाकात को लेकर ईएएम ने एक्स पर लिखा, "भारत के राजकीय दौरे पर आए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उनकी गर्मजोशी भरी भावनाओं और गाइडेंस की बहुत तारीफ करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे भरोसा है कि आज बाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मीटिंग से हमारे संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।" इसके अलावा एस जयशंकर ने ब्राजील के विदेश मंत्री राजदूत माउरो विएरा से भी मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की।

इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति लूला और पीएम मोदी के बीच इस द्विपक्षीय बैठक को लेकर कहा, "दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री मेहमान के सम्मान में लंच होस्ट करने वाले हैं। दोनों नेता आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का लेन-देन करेंगे, जिसमें मल्टीलेटरल फोरम में सहयोग, रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज्म, ग्लोबल गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।"

Source: IANS

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