मुंबई की मस्जिदों में हजारों लोगों ने अदा की नमाज, एक-दूसरे को दी बधाई

मुंबई, 21 मार्च। रमजान के समापन के उपलक्ष्य में ईद-उल-फितर की नमाज अदा करने के लिए देशभर की मस्जिदों में शनिवार सुबह मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की भी छोटी से लेकर बड़ी मस्जिदों में शनिवार की सुबह नमाज अदा करने की भीड़ उमड़ी। शहर में कड़ी सुरक्षा के बीच अमन और शांति की दुआएं मांगी गईं। 

मुंबई सेंट्रल स्थित वाईएमसीए ग्राउंड और माहिम दरगाह पर हजारों लोग एकत्रित हुए और ईद-उल-फितर की नमाज अदा की। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान समेत बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। घाटकोपर की पंखे शाह दरगाह, माहिम दरगाह और शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों में सुबह 7:00 से 9:00 बजे के बीच नमाज अदा की गई। सुबह-सुबह ही मस्जिद और दरगाहों पर नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। कोलाबा, मोहम्मद अली रोड, भायखला, और बांद्रा सहित सभी प्रमुख मस्जिदों में शनिवार सुबह 7:00 बजे के बाद नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारक दी।

इस मौके पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं देश के सभी लोगों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"

इजरायल-ईरान संघर्ष पर पठान ने कहा, "मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि युद्ध कोई समाधान नहीं है। जालिम नेतन्याहू और ट्रंप ने रजमान के पाक महीने में ईरान में 165 बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। इसकी किसी ने निंदा नहीं की, सब खामोश हैं। हमने तब भी कहा था कि भारत को हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि इस युद्ध का भारत को भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा, जिसका असर अब दिखने लगा है। युद्ध की वजह से आज 20 फीसदी से अधिक रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं, देश में गैस की किल्लत हो रही है और लोग परेशान हो रहे हैं।

वारिस पठान ने कहा, "भारत सरकार को उचित कदम उठाते हुए इस युद्ध को रोकने की कोशिश करना चाहिए था। खाड़ी देशों में बहुत से भारतीय फंसे हैं लेकिन सरकार के पास उनके लिए कोई योजना नहीं है। महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।

Source: IANS

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