आरबीआई सरकार को ट्रांसफर करेगी रिकॉर्ड 3.5 लाख करोड़ रुपए तक का

मुंबई, 21 मई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) वित्त वर्ष 26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड सरप्लस डिविडेंड का भुगतान करेगी और यह राशि 2.7 लाख करोड़ रुपए से लेकर 3.5 लाख करोड़ रुपए के बीच हो सकती है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में कहा गया कि डिविडेंड को सरकार को ट्रांसफर करने के लिए आरबीआई के बोर्ड की बैठक शुक्रवार को प्रस्तावित है।

अगर आरबीआई बोर्ड संभावित राशि के ऊपरी बैंड को डिविडेंड के रूप में मंजूरी देता है, तो केंद्रीय बैंक द्वारा सरकार को ट्रांसफर की गई अब तक की यह सबसे बड़ी राशि होगी।

बीते वर्ष आरबीआई ने केंद्र को 2.69 लाख करोड़ रुपए का डिविडेंड ट्रांसफर किया था।

अनुमानित डिविडेंड में यह तेज वृद्धि ऐसे वर्ष के बाद हुई है जिसमें आरबीआई को मुद्रा अस्थिरता, विदेशी मुद्रा संचालन और निवेश से हाई यील्ड का लाभ मिला।

संभावित डिविडेंड भुगतान में एक प्रमुख योगदान वित्त वर्ष 2026 के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए के लगभग 10 प्रतिशत अवमूल्यन का रहा, जिससे कथित तौर पर आरबीआई की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में वृद्धि हुई और उसकी बैलेंस शीट का विस्तार हुआ।

केंद्रीय बैंक ने रुपए की अत्यधिक कमजोरी को रोकने के लिए डॉलर बेचकर मुद्रा बाजारों में सक्रिय हस्तक्षेप के माध्यम से भी लाभ अर्जित किया है।

वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 688 अरब डॉलर हो गया, जिससे आरबीआई की आय में और मजबूती आई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी मुद्रा संचालन के अलावा, निवेश और मुद्रा मुद्रण गतिविधियों से प्राप्त आय ने भी अनुमानित सरप्लस में योगदान दिया।

पिछले तीन वित्तीय वर्षों में, सरकार को आरबीआई द्वारा दिए गए डिविडेंड भुगतान में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जो केंद्र के लिए गैर-कर राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरा है।

इस बीच, इस वर्ष की शुरुआत में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि आरबीआई द्वारा डिविडेंड के अधिक भुगतान के कारण वित्त वर्ष 2026 में गैर-कर संग्रह मजबूत बना रहा। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि वित्त वर्ष 2027 में केंद्रीय बैंक द्वारा डिविडेंड ट्रांसफर 2-2.5 लाख करोड़ रुपए के उच्च स्तर पर बना रहेगा, जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपए था।

हालांकि, आरबीआई ने अपेक्षित भुगतान पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

Source: IANS

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