गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के पास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया

नई दिल्ली, 23 जुलाई । केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे से जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी करते हुए कहा कि सेक्रेटरी इस बात से संतुष्ट हैं कि जन-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अपराध को करने के लिए उकसावे को रोकने के हित में ऐसा करना जरूरी है।

महेंद्र विक्रम सिंह की ओर से जारी आदेश में निर्देश दिया गया कि जंतर-मंतर के आस-पास 1.5 किलोमीटर के दायरे में 23 जुलाई को शाम 4:00 बजे से रात 12:00 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं (सभी टेक्नोलॉजी) बंद रखी जाएं।

यह आदेश टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 20 की उप-धारा (2) के क्लॉज (बी) और टेलीकम्युनिकेशन्स (सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के नियम) 2024 के नियम 2 के उप-नियम 1 के क्लॉज (बी) व नियम 3 के उप-नियम 1 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया।

इससे पहले, पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने पिछले 24 घंटों में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ बातचीत के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव रखे हैं, लेकिन उन्होंने सरकार की इस पहल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही कोई बातचीत की है।

केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस को बताया कि सरकार ने जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों से बेहद विनम्रता के साथ संपर्क किया है और इस बात पर जोर दिया है कि बातचीत ही इस गतिरोध को खत्म करने का एकमात्र रचनात्मक तरीका है।

उन्होंने कहा कि हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे हर वक्त खुले हैं। हमने पिछले 24 घंटों में कम से कम चार बार उनसे संपर्क किया है। हम चाहते हैं कि वे नीट सहित सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों।

केंद्रीय मंत्री ने छात्रों से बातचीत के लिए आगे आने को कहा और बताया कि सरकार उनके हित में बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा उनकी बातें सुनेंगे और उनकी चिंताओं का समाधान करेंगे। साथ ही, छात्र बातचीत का समय और विषय खुद तय कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि बातचीत जेपी नड्डा के दफ्तर या घर पर, किसी भी सुविधाजनक समय पर हो सकती है और वे खुद भी इस चर्चा में शामिल होंगे। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशील हैं। उन्होंने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर तेजी से मुकदमा चलाने और जल्द न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की।

भारत के युवाओं और उनके भविष्य को लेकर पीएम मोदी की चिंता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट यह पक्का करेंगे कि दोषियों को कानून का सामना करना पड़े और उनके कामों के लिए सजा मिले, साथ ही बिना किसी देरी के न्याय भी हो।

सीजेपी की अगुवाई में छात्र नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल गुरुवार को 26वें दिन में प्रवेश कर गई।

Source: IANS

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