बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत के समर्थन का दावा झूठा, फैक्ट चेक में खुलासा

नई दिल्ली, 25 मई । सोशल मीडिया पर एक बार फिर भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की गई है। पाकिस्तान से जुड़े एक प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया हैंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर यह झूठ परोसा है।

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा द्वारा यह वायरल किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत का समर्थन देने से संबंधित एक बयान दिया है। हालांकि जांच में यह पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा पूरी तरह झूठा व निराधार साबित हुआ है।

सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। एजेंसी ने सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि भारत सरकार के खिलाफ झूठे नैरेटिव फैलाने वाले अकाउंट्स से सतर्क रहें। एजेंसी ने यह भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध या भ्रामक पोस्ट को बिना सत्यापन शेयर न करें। फर्जी खबरों और दुष्प्रचार के खिलाफ सरकार लगातार निगरानी कर रही है।

हाल के समय में रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मामलों में सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं फैलाने के प्रयास सामने आए हैं, जिन्हें समय-समय पर खारिज किया गया है। केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध सामग्री की शिकायत सीधे पीआईबी फैक्ट चेक को भेजी जा सकती है। इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर 8799711259 और ईमेल आईडी जारी किया गया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट्स यह दुष्प्रचार कर रहे थे कि, भारतीय नौसेना ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल एएन प्रमोद का एक एडिटिड वीडियो साझा किया गया। इ

स वीडियो में यह झूठा दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था। इस दुष्प्रचार पर भी फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया था कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया द्वारा जारी किया जा रहा यह वीडियो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया है। जांच में इसे एक ‘डीपफेक वीडियो’ पाया गया। इस झूठ का उद्देश्य जनता को गुमराह करना तथा गलत सूचना फैलाना था।

फैक्ट चेक यूनिट के अनुसार, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। वायरल वीडियो में उनके चेहरे और आवाज के साथ छेड़छाड़ कर जाली वीडियो तैयार किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे किसी भी भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें और बिना सत्यापन के उन्हें आगे साझा न करें।

Source: IANS

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